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रामनगर मंडी में किसान चबूतरे पर बनी 22 दुकानों को लेकर बवाल! आवंटन में अनियमितताओं के आरोप

रामनगर कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में किसान चबूतरे बनाई नई दुकानों को लेकर विरोध, आवंटन को लेकर गरमाया विवाद, जानिए पूरा मामला

Ramnagar Mandi Kisan Chabutara
रामनगर मंडी में नई दुकान (फोटो सोर्स- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 25, 2026 at 4:48 PM IST

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रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में किसान चबूतरे पर बनाई गई 22 नई दुकानों को लेकर अब विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं. दुकानों के निर्माण और आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों और किसानों ने मंडी प्रशासन पर अनियमितताओं व नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं.

फसल रखने और बेचने का प्रमुख स्थान रहा है चबूतरा: दरअसल, रामनगर मंडी परिसर में सालों से बना किसान चबूतरा किसानों के लिए अपनी फसल रखने और बेचने का प्रमुख स्थान रहा है. किसान यहां धूप और बारिश से बचाकर अपनी उपज को सुरक्षित रखते थे. साथ ही व्यापार करते थे, लेकिन हाल ही में इसी चबूतरे पर दुकानों का निर्माण कर दिए जाने से किसानों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है.

Ramnagar Mandi Kisan Chabutara
रामनगर मंडी में किसान चबूतरे को लेकर बवाल (फोटो सोर्स- ETV Bharat)

समाजसेवी संजय मेहता ने लगाए ये आरोप: समाजसेवी संजय मेहता ने आरोप लगाया कि किसान चबूतरे पर दुकानों का निर्माण पूरी तरह नियमों के विरुद्ध किया गया है. उनका कहना है कि चबूतरे के समाप्त हो जाने से अब किसानों के पास अपनी फसल रखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा है, जिससे उन्हें धूप और बरसात में भारी नुकसान का खतरा बना हुआ है.

"दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई और एक ही परिवार के तीन से चार सदस्यों को दुकानें आवंटित कर दी गईं. जबकि, सालों से मंडी में फसल बेचने वाले वास्तविक किसान इससे वंचित रह गए. इससे किसानों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है."- संजय मेहता, समाजसेवी

क्या बोले एसडीएम एवं मंडी समिति के प्रशासक? फिलहाल, किसान चबूतरे पर दुकानों के निर्माण को लेकर उठे सवालों ने मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. वहीं, इस पूरे मामले में एसडीएम एवं मंडी समिति के प्रशासक गोपाल चौहान का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.

"मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है. यदि शिकायतकर्ता की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी."- गोपाल चौहान, एसडीएम एवं मंडी प्रशासक

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