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टिहरी झील से लगातार हो रहा कटाव, तीन मीटर झुकी सुरक्षा दीवार, खतरे में गंगोत्री हाईवे

सुरक्षा दीवार के झुकने के कारण अब गंगोत्री हाईवे सहित आसपास में मोटी दरारें आ गई हैं.

TEHRI LAKE GANGOTRI HIGHWAY
टिहरी झील से लगातार हो रहा कटाव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 20, 2026 at 1:57 PM IST

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उत्तरकाशी: टिहरी झील से हो रहे कटाव से सुरक्षा के चार वर्ष बनाई गई सुरक्षा गेविंग दीवार भू धसाव के कारण गंगोत्री हाईवे की ओर से करीब तीन मीटर नीचे झुक गई है. इसके कारण हाईवे सहित जोगत-देवीसौड़ मोटर मार्ग पर दरारें आ गई हैं. जिससे चिन्यालीसौड़ बाजार और आवासीय भवनों के लिए एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है. वहीं, दूसरी ओर भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय के ढुमक नामे तोक में तहसील भवन निर्माण के दौरान हो रही ब्लास्टिंग के कारण पांच घरों में दरारें आ गई हैं.

भटवाड़ी गांव के ग्रामीण जग्गनाथ प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2010 और 12 व 13 की आपदा के दौरान उनके भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे. उसके बाद शासन-प्रशासन की ओर से भटवाड़ी के ढुमक में पुर्नवास के तहत भूमि दी गई. आपदा प्रभावितों ने लंबी जद्दोजहद के बाद वहां पर अपने भवन तैयार किए. उसके बाद अब वहां पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण उनके भवनों पर खतरा आ गया है.

अभिषेक रमोला ने बताया वहां पर तहसील भवन का निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य के दौरान रात्री में चट्टान को काटने के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है. इससे पांच घरों और उनकी सुरक्षा दीवारों में दरारें आ गई हैं. इस संबंध में कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कहा गया, लेकिन इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा भटवाड़ी में हमेशा से आपदा का खतरा बना रहता है.

दूसरी ओर चिन्यालीसौड़ में टिहरी झील से हो रहे कटाव से सुरक्षा के चार वर्ष बनाई गई सुरक्षा गेविंग दीवार भू धसाव के कारण गंगोत्री हाईवे की ओर से करीब तीन मीटर नीचे झुक गई है. इस कारण हाईवे सहित जोगत-देवीसौड़ मोटर मार्ग पर दरारें आ गई हैं. चिन्यालीसौड़ के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने बताया टिहरी झील के कारण चिन्यालीसौड़ और आसपास के क्षेत्रों में लम्बे समय से भू-कटाव की समस्या बनी हुई है. इस कारण मुख्य बाजार सहित गंगोत्री हाईवे और आवासीय बाजार अभी भी खतरे की जद में हैं.

उन्होंने कहा स्थानीय लोगों की लम्बी मांग के बाद टीएचडीसी की ओर से मुख्य बाजार के समीप झील से गंगोत्री हाईवे तक करीब 30 मीटर उंची सुरक्षा गेविंग दीवार का निर्माण किया. करीब चार वर्ष पूर्व पांच करोड़ की लागत से इनका निर्माण किया गया. कार्य गुणवत्ता और निगरानी न होने के कारण झील से हो रहे कटाव के कारण यह दीवार ऊपर से करीब तीन मीटर झुक गई है. गंगोत्री हाईवे पर लगा पोल इसका उदाहरण है, जो सड़क से अब झुकी हुई दीवार पर झूल रहा है. दीवार के झुकने के कारण अब गंगोत्री हाईवे सहित आसपास में मोटी दरारें आ गई हैं. रांगड़ ने कहा इसकी कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है.

क्या कहते हैं अधिकारी: लोनिवि के सहायक अभियंता स्वराज चौहान ने कहा ठेकेदार को ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है. उन्हें चेतावनी भी दी गई है. आगे किसी भी प्रकार की नुकसान की भरपाई वह स्वयं करेंगे.

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