एलोपैथी और आयुर्वेद मिलकर मॉडल आयुष चिकित्सा को करेंगे विकसित, केंद्र को भेजा जाएगा 52 करोड़ का प्रस्ताव
नेशनल आयुष मिशन उत्तराखंड की ओर से किया जा रहे कामों की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 25, 2026 at 11:58 AM IST
देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जड़ी बूटियां की भरमार है. यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है, ताकि प्रदेश के उच्च हिमालई क्षेत्रों में मौजूद जड़ी बूटियों को संरक्षित करते हुए उसका सदुपयोग किया जा सके. भारत सरकार भी देश में आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा दिए जाने को लेकर नेशनल आयुष मिशन भी संचालित कर रही है. नेशनल आयुष मिशन उत्तराखंड की ओर से किया जा रहे कामों की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक की गई.
एलोपैथी और आयुर्वेद मिलकर मॉडल आयुष चिकित्सा को करेंगे विकसित: बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में मौजूद 30 बेड और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों को प्रभावी रूप से प्रमोट किया जाए. साथ ही इन अस्पतालों का बेहतर ढंग से संचालन करने के साथ ही संस्थाओं की सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग आयुष चिकित्सालयों का लाभ उठा सकें. मुख्य सचिव ने एलोपैथी एवं आयुर्वेद विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए उत्तराखंड की आयुष चिकित्सा को मॉडल चिकित्सा के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए.
पीपीपी मोड पर संचालित आयुष चिकित्सालयों के रिस्पांस की स्क्रूटनी: प्रदेश में संचालित आयुष ओपीडी का समग्र विश्लेषण करने, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर ढंग से लागू करने के साथ ही पीपीपी मोड पर संचालित आयुष चिकित्सालयों के रिस्पांस की स्क्रूटनी करने के निर्देश दिए गए. मुख्य सचिव ने सचिव आयुष को निर्देश दिए कि प्राइवेट पार्टनर्स के साथ पूर्व में हुए एमओयू की समीक्षा कर संबंधित भागीदारों से समन्वय किया जाए. राज्य में आयुष के लिए विकसित इकोसिस्टम से उन्हें अवगत कराते हुए उनकी समस्याएं सुनी जाएं और राज्य का अपेक्षित सहयोग उनसे साझा किया जाए.
भारत सरकार को भेजा जाएगा 52 करोड़ का प्रस्ताव: आयुष विभाग की ओर से नेशनल आयुष मिशन के तहत भारत सरकार से 52 करोड़ रुपये की मांग का प्रस्ताव भी बैठक के दौरान मुख्य सचिव के सम्मुख रखा गया. इस पर मुख्य सचिव ने सहमति जता दी है. ऐसे में जल्द ही इस प्रस्ताव को भारत सरकार को भेजा जाएगा. प्रस्ताव के तहत इस साल 13 जिलों में 13 सुप्रजा केंद्र (आयुर्वेदिक एंटेनेटल केयर आधारित) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित किए जाएंगे. इनमें पंचकर्म सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सा और प्रशिक्षित पंचकर्म सहायकों की उपलब्धता शामिल है.
आयुष अस्पताल हो रहे तैयार: इस वित्तीय वर्ष में पथरी (हरिद्वार), भीमताल (नैनीताल) और टनकपुर (चंपावत) के आयुष अस्पताल का काम पूरा हो जाएगा. हल्द्वानी (नैनीताल) में अस्पताल निर्माण का काम जारी है. आयुष विभाग की ओर से हर जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया. आयुष विभाग की वेबसाइट पर आयुर तरंगिणी मासिक ई-मैगजीन उपलब्ध है, जिसमें तमाम आयुष चिकित्साओं की जानकारी दी जा रही है. साथ ही यूट्यूब पर आयुर वाणी पॉडकास्ट सीरीज का प्रसारण भी किया जा रहा है, ताकि सामान्य जनमानस इसका लाभ उठा सके.
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