अलीगढ़ में रसिक अपार्टमेंट की लिफ्ट के नीचे दबकर प्रॉपर्टी डीलर की मौत, प्रशासन ने बनाई जांच कमेटी
पुलिस ने बताया, प्राथमिक जांच में लिफ्ट की मेंटेनेंस और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 30, 2026 at 9:54 PM IST
|Updated : May 30, 2026 at 11:02 PM IST
अलीगढ़ : थाना क्वार्सी क्षेत्र में गंगा जवाहर कॉलोनी में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया. रसिक अपार्टमेंट में लिफ्ट गिरने से 55 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद अपार्टमेंट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई. मृतक की पहचान हरिओम वर्मा के रूप में हुई है, जो मैरिस रोड स्थित हरिओम नगर के निवासी थे. बताया जा रहा है कि वह एक परिचित महिला आशा चौधरी के बुलाने पर प्रॉपर्टी दिखाने के लिए आए थे.
मामले में ADM सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने कहा कि रसिक अपार्टमेंट में लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण दुःखद हादसा हुआ है. परिजनों द्वारा लिखित तहरीर दिए जाने पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी. घटना के कारणों की विस्तृत जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसमें सचिव, विकास प्राधिकरण एवं सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा को शामिल किया गया है. समिति की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी.
जानकारी के अनुसार, हरिओम वर्मा अपार्टमेंट पहुंचे, उन्होंने ऊपर जाने के लिए लिफ्ट का बटन दबाया. इसी दौरान लिफ्ट पहले से ही तकनीकी खराबी के कारण ऊपर फंसी हुई थी. ग्राउंड फ्लोर का दरवाजा खुलने पर उन्हें लगा कि लिफ्ट आ चुकी है. जैसे ही उन्होंने अंदर कदम रखा, वह सीधे लिफ्ट शॉफ्ट यानी डक्ट में गिर गए.
इसी बीच ऊपर फंसी हुई लिफ्ट अचानक तेजी से नीचे आ गई और वह उसके नीचे दब गए. यह हादसा कुछ ही सेकंड में हुआ और उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला. घटना के तुरंत बाद अपार्टमेंट में मौजूद लोगों ने शोर मचाया और केयरटेकर इम्तियाज ने मशीनरी की मदद से लिफ्ट को ऊपर खींचने की कोशिश की. किसी तरह गंभीर रूप से घायल हरिओम वर्मा को बाहर निकाला गया और तत्काल जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. ACM द्वितीय दिग्विजय सिंह और थाना क्वार्सी पुलिस बल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. ACM द्वितीय दिग्विजय सिंह ने बताया, प्राथमिक जांच में लिफ्ट की मेंटेनेंस और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है. न तो खराब लिफ्ट पर कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही उसे बंद किया गया था. इसी लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, केयरटेकर इम्तियाज ने तुरंत स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. मृतक के परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं. करीब 20 दिन पहले ही उनकी मां का भी निधन हुआ था. एक के बाद एक दो बड़े सदमे से परिवार पूरी तरह टूट गया है.
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