EV शेयरिंग को बढ़ावा: दिल्ली में निजी वाहन बनेंगे टैक्सी, नियमों में होगा बदलाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वाहन निर्माता कंपनियों और ओला, ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के साथ अहम बैठक की.

Published : January 3, 2026 at 6:31 AM IST
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने निजी ईवी वाहनों को शेयर टैक्सी के रूप में चलाने पर भी सहमति जताई है. इस उद्देश्य को साकार करने के लिए सरकार नियमों में बदलाव करेगी, साथ ही कंपनियों की समस्याओं को भी हल करने का प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी लाकर ही दिल्ली में प्रदूषण पर प्रभावी और स्थायी नियंत्रण संभव है.
एग्रीगेटर कंपनियों के साथ अहम बैठक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज शाम वाहन निर्माता कंपनियों और ओला, ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के साथ अहम बैठक की. इसका उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर लोगों का रुझान बढ़ाना और साझा परिवहन को प्रोत्साहित करना शामिल है. दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मोटर वाहन कंपनी टाटा मोटर्स, महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टोयोटा, होंडा व एग्रीगेटर कंपनियों में ओला, ऊबर, रैपिडो के प्रतिनिधि उपस्थित थे. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ हमें लंबी व प्रभावी लड़ाई लड़नी है. इसके लिए फौरी उपाय के अलावा दीर्घकालीन रणनीति भी अपनानी होगी.
इलेक्ट्रिक वाहनों का पूर्ण संचालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में सरकार कंपनियों को सहूलियत देने को सैद्धांतिक रूप से राजी है, उनकी समस्याओं का निदान किया जाएगा, नियमो को भी लचीला बनाया जाएगा, ताकि लोग ईवी वाहन खरीदने में रुचि दिखाएं, साथ ही गंतव्य के लिए एग्रीगेटर कंपनियों का उपयोग करें. लेकिन इस कंपनियों को भी ऐसे निर्णय या राहत प्रदान करनी होगी, जिससे लोगों में भी इनकी ओर रुझान बढ़े. बैठक में मुख्यमंत्री को वाहन कंपनियों ने जानकारी दी कि प्रदूषण पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का पूर्ण संचालन व जनोपयोगी ईवी पॉलिसी लानी आवश्यक है. उन्होंने राजधानी में अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और चार्जिंग स्टेशन आदि खोलने के लिए कुछ राहत की उम्मीद व्यक्त की और कहा कि इन उपायों से ई वाहन के संचालन में तेजी आएगी.
मुख्यमंत्री ने उनसे स्पष्ट कहा कि सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जमीन देने को तैयार है, लेकिन आपको सोलर एनर्जी के द्वारा वाहनों को चार्ज करने की संभावना भी तलाशनी होगी. उन्होंने कहा कि वाहनों के बैटरी वेस्ट से भी कंपनियों को ही निपटना होगा, ताकि प्रदूषण का दूसरा द्वारा न खुल जाए. उन्होंने कंपनियों से स्पष्ट कहा कि हम आपको राहत देने को सैद्धांतिक रूप से तैयार हैं, लेकिन आपको भी वाहन खरीदने वालों को राहत देनी होगी, ताकि लोगों का ई वाहन में रुचि बढ़े. उन्होंने कंपनियों से कहा कि वह एक प्लान लेकर आएं कि कब तक वे पूरी दिल्ली में ई वाहनों की आपूर्ति को मांग के अनुसार पूरा कर देंगे. मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि कंपनियों को अपने वाहनों के दाम भी इस तरह से तय करने होंगे कि लोग उनकी ओर आकर्षित हों.
शेयर टैक्सी चलाने पर सहमति
मुख्यमंत्री और उनकी टीम ने एग्रीगेटर कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी बैठक की. कंपनियों ने शेयर टैक्सी चलाने पर सहमति जताई और कहा कि एक माह के भीतर शेयर टैक्सी व महिला ड्राइवर वाली टैक्सियों को चलाना शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि वे प्राइवेट ईवी और बीएस-6 वाहनों को अपने साथ टैक्सी के रूप मेंजोड़ने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए नियमों में बदलाव जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आगामी दिनों में यह बदलाव कर देंगे. लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के उपाय कंपनियों को अवश्य करने होंगे. कंपनियों ने इस पर सहमति जताई. मुख्यमंत्री ने कंपनियों से ई-रिक्शा को भी उनसे जोड़ने की संभावना को तलाशने को कहा और कहा कि कंपनियों को रिंग रोट शटल या हवाई अड्डे से भी अपने वाहनों को चलाने के लिए विचार करना चाहिए. इसके लिए सरकार उनकी पूरी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनियां चाहो पहले पायलट योजना पर काम कर लें, ताकि उसकी उपयोगिता की जानकारी मिल जाए. मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार हर हाल में दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण को कम करना चाहती है और इसके लिए वह सभी उपाय करेगी.
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