फ्यूचर इंजीनियर्स का कमाल: फूड वेस्ट कंपोस्टिंग मशीन और 24 घंटे चलने वाला सोलर थर्मल प्लांट
जयपुर के आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित प्रोजेक्टथॉन प्रतियोगिता में राजस्थान के 100 से अधिक टीमों के छात्रों ने प्रोजेक्ट्स पेश किए.

Published : February 26, 2026 at 8:41 PM IST
जयपुर: आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तहत इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘प्रोजेक्टथॉन’ प्रतियोगिता ने राजस्थान के इंजीनियरिंग छात्रों का हुनर देखने को मिला. प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की 100 से अधिक टीमों ने हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कुल 150 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए.
छात्रों को मिला प्रतिभा निखारने का बड़ा मंच: कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और इलेक्ट्रिकल विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि यह प्रतियोगिता सिर्फ प्रोजेक्ट दिखाने की नहीं, बल्कि फ्यूचर इंजीनियर्स को अपने बेसिक आइडिया को बड़े स्तर पर ले जाने की प्रेरणा देने वाली है. मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ भास्कर और आईटी विभागाध्यक्ष डॉ. विभाकर ने भी छात्रों के उत्साह की सराहना की. आर्या कॉलेज चेयरमैन डॉ. अनुराग अग्रवाल और प्रिंसिपल डॉ. अरुण आर्या ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और मेडल प्रदान किए.
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सामाजिक समस्याओं का तकनीकी समाधान: प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अक्षय परिड़वाल (इलेक्ट्रिकल थर्ड ईयर) ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को पर्यावरण, ऊर्जा संकट और स्वच्छता जैसी सामाजिक चुनौतियों पर नवाचार करने के लिए प्रेरित करना था. मुख्य अतिथि NSS रीजनल डायरेक्टर एस.पी. भटनागर ने छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि AI और आधुनिक टेक्नोलॉजी का सही उपयोग अगर समाज की भलाई के लिए हो तो यह देश के विकास में क्रांतिकारी साबित हो सकता है. ऐसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

छात्रों ने पेश किए आकर्षक प्रोजेक्ट्स: ‘प्रोजेक्टथॉन’ प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग छात्रों ने ऑटोमेशन, पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण, स्मोक रिडक्शन और ऊर्जा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सरप्राइजिंग प्रोजेक्ट्स बनाए. प्लास्टिक वेस्ट को फ्यूल में बदलने वाले प्रोजेक्ट, धुएं को कम करने वाले डिवाइस और पौधों से दवा बनाने की तकनीक जैसे कई अनोखे आइडिया प्रदर्शित किए गए.

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फूड वेस्ट कंपोस्टिंग मशीन: आर्या कॉलेज के छात्र उदय जांगिड़ और उनकी टीम ने फूड वेस्ट कंपोस्टिंग मशीन बनाई है. उदय ने बताया कि होटल, हॉस्टल और पार्टी में रोजाना भारा मात्रा में फूड वेस्ट निकलता है. उन्होंने कहा कि "हमारी मशीन में फूड वेस्ट डालते ही ग्राइंडर काम करता है और अंदर लगे सेंसर 45 से 55 डिग्री तापमान को ऑटोमैटिक मेंटेन रखते हैं और सिर्फ 10-15 दिनों में बेहतरीन कंपोस्ट तैयार हो जाता है. उन्होंने कहा कि सामान्य तरीके से इसमें एक महीना लग जाता है. यह कंपोस्ट खेतों और प्लांटेशन में सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है.

24 घंटे चलेगा थर्मल पावर प्लांट: मोहम्मद अफजल और उनकी टीम का सोलर कंसंट्रेटर प्रोजेक्ट सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. अफजल ने जानकारी दी कि “हमने सूर्य की बिखरी किरणों को एक जगह इकट्ठा करके 300 से 1000 डिग्री तक तापमान उत्पन्न किया है. इस हीट को स्टोर करके 24 घंटे थर्मल पावर प्लांट चलाया जा सकता है. सोलर पैनल सिर्फ दिन में काम करता है, लेकिन हमारा प्रोजेक्ट रात में भी हीट स्टोरेज की वजह से चलता रहेगा. यह जीरो कार्बन एमिशन वाला समाधान है और उन इंडस्ट्रीज के लिए वरदान साबित होगा जहां लगातार हीट की जरूरत होती है."

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इंजीनियरिंग के भविष्य को नई दिशा: डॉ. विभाकर ने बताया कि छात्रों ने अपनी बेसिक इमेजिनेशन से इतने बेहतरीन प्रोजेक्ट बनाए हैं कि इन्हें अब बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है. कार्यक्रम में शामिल सभी छात्रों ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के प्लेटफॉर्म से उन्हें कॉन्फिडेंस मिला है और वे अब इन प्रोजेक्ट्स को स्टार्टअप के रूप में आगे ले जाना चाहते हैं. इस प्रोजेक्टथॉन ने साबित कर दिया कि राजस्थान के इंजीनियरिंग छात्र न सिर्फ पढ़ाई में, बल्कि इनोवेशन और समस्या समाधान में भी आगे हैं. आयोजकों ने भविष्य में इस कार्यक्रम को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की घोषणा भी की है.

