बिना मान्यता के नहीं खुलेंगे प्राइवेट स्कूल, डिजिटल पोर्टल से ही होंगे आवेदन, ये है डेडलाइन
निजी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत नए और सख्त नियमों के साथ होगी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 20, 2026 at 7:51 AM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में निजी स्कूलों के लिए नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 सख्त नियमों के साथ शुरू होगा. अब बिना विभागीय मान्यता या नवीनीकरण प्रमाण पत्र के किसी भी स्कूल को विद्यार्थियों को प्रवेश देने की अनुमति नहीं होगी. शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि मान्यता और नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रहेगी और ऑफलाइन आवेदन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे. दरअसल जिले के सभी निजी विद्यालयों को 15 मार्च तक निर्धारित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा. तय समय-सीमा के बाद भेजे गए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.
आरटीई अधिनियम के तहत होगी प्रक्रिया
मान्यता/नवीनीकरण की प्रक्रिया शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और हिमाचल प्रदेश निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 के प्रावधानों के तहत पूरी की जाएगी. प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक संचालित विद्यालय अपने आवेदन निर्धारित शुल्क सहित संबंधित बीईईओ को ऑनलाइन भेजेंगे. पहली से आठवीं और छठी से आठवीं तक संचालित स्कूल अपने आवेदन उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय को ऑनलाइन प्रेषित करेंगे.
"सभी निजी विद्यालयों को समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है. प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए इसे पूरी तरह डिजिटल किया गया है, ताकि आगामी सत्र में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो." - राजीव ठाकुर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा सिरमौर
त्रुटि हुई तो लौटेगा आवेदन
ऑनलाइन आवेदन में अगर किसी प्रकार की कमी या त्रुटि पाई जाती है तो उसे संशोधन के लिए वापस भेजा जाएगा. विद्यालय आवश्यक सुधार के बाद दोबारा ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे. सही पाए गए आवेदनों के लिए मान्यता अथवा नवीनीकरण पत्र भी ऑनलाइन माध्यम से ही जारी किए जाएंगे. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सत्र 2026-27 में केवल वही विद्यालय विद्यार्थियों को प्रवेश दे सकेंगे, जिनके पास वैध मान्यता या नवीनीकरण प्रमाणपत्र होगा. नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
निजी स्कूलों के लिए निर्धारित शुल्क
- प्री-प्राइमरी से पांचवीं तक नई मान्यता/स्तर उन्नयन: 5,000 रुपए
- पहली से आठवीं तक नई मान्यता: 10,000 रुपए
- पहली से आठवीं तक मान्यता नवीनीकरण शुल्क: 500 रुपए प्रति वर्ष

