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जैसलमेर में निजी बसों के पहिए थमे, फिटनेस नियमों के विरोध में बस संचालकों का आंदोलन तेज

बस संचालकों का कहना है कि जब तक जिले में निजी फिटनेस सेंटर स्थापित नहीं होता, तब तक आर्थिक बोझ कम नहीं होगा.

Private Bus Strike
निजी बसों की हड़ताल (ETV Bharat Jaisalmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 25, 2026 at 5:54 PM IST

4 Min Read
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जैसलमेर: जिले में लंबे समय से परिवहन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली से नाराज बस संचालकों ने निजी बसों का संचालन बंद कर दिया है. बस यूनियन के आह्वान के बाद शुरू हुए इस आंदोलन का असर अब सीमांत जिले जैसलमेर में भी दिखाई दे रहा है. शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक निजी बसों के पहिए थम चुके हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

बस संचालकों का कहना है कि वे नियमों के दायरे में रहकर बसों का संचालन कर रहे हैं. उनका तर्क है कि पूर्व में जैसलमेर में हुई बस दुर्घटना के बाद सभी ऑपरेटरों ने सुरक्षा मानकों और नियमों का सख्ती से पालन करना शुरू किया. इसके बावजूद परिवहन विभाग द्वारा लगातार चालान की कार्रवाई की जा रही है, जिससे संचालकों में रोष व्याप्त है. यूनियन के निर्देशानुसार लंबी दूरी की बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है और मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है.

बस ऑपरेटर्स की ये है मांगें (ETV Bharat Jaisalmer)

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इस हड़ताल का सबसे अधिक असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है. जैसलमेर से जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और अन्य जिलों के लिए संचालित होने वाली निजी बसें सड़कों पर नजर नहीं आ रही हैं. वहीं गुजरात सहित अन्य राज्यों की ओर जाने वाली बस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बसों का संचालन बंद होने से गांव-ढाणियों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. विद्यार्थियों, मरीजों, दैनिक मजदूरों और छोटे व्यापारियों की आवाजाही बाधित हो गई है. कई यात्रियों को निजी टैक्सी और जीप का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां अधिक किराया देना पड़ रहा है.

Private buses have stopped operating
निजी बसों का संचालन बंद (ETV Bharat Jaisalmer)

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आंदोलन की एक बड़ी वजह राज्य सरकार का नया आदेश बताया जा रहा है. अब तक कमर्शियल और ट्रांसपोर्ट वाहनों की फिटनेस जांच स्थानीय परिवहन कार्यालय में होती थी, जिससे वाहन मालिकों को सुविधा मिलती थी. लेकिन नए नियमों के तहत अब फिटनेस जांच केवल अधिकृत निजी फिटनेस सेंटर्स पर ही कराई जा सकेगी. समस्या यह है कि भौगोलिक दृष्टि से विशाल जिले जैसलमेर में फिलहाल एक भी निजी फिटनेस सेंटर संचालित नहीं है.

Bus operators submitting a memorandum
ज्ञापन देते बस ऑपरेटर्स (ETV Bharat Jaisalmer)

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ऐसे में वाहन मालिकों को अपने वाहनों की फिटनेस के लिए करीब 280 किलोमीटर दूर जोधपुर जाना पड़ रहा है. आने-जाने में लगभग 560 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है. बस संचालकों का कहना है कि इस यात्रा में डीजल या पेट्रोल पर 4 से 10 हजार रुपए तक का अतिरिक्त खर्च आता है. इसके अलावा टोल टैक्स, ड्राइवर और खलासी का दो दिन का भत्ता, साथ ही उस दौरान कामकाज का नुकसान अलग से झेलना पड़ता है. जो फिटनेस प्रक्रिया पहले कुछ घंटों में पूरी हो जाती थी, अब उसके लिए कई दिन और हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.

बस संचालकों का कहना है कि यह व्यवस्था सीमांत और दूरस्थ जिले की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है. उनका तर्क है कि जब तक जैसलमेर में निजी फिटनेस सेंटर स्थापित नहीं होता या पूर्व व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, तब तक आर्थिक बोझ कम नहीं होगा. फिलहाल निजी बसों का संचालन बंद रहने से जैसलमेर की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है. आमजन को आवागमन के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है और प्रशासन के समक्ष स्थिति सामान्य करने की चुनौती खड़ी हो गई.