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पटरी पर लौटा आमजन का आवागमन, टूटी प्राइवेट बसों की हड़ताल

प्रदेश भर में प्रतिदिन करीब 15 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हो रहे थे. ग्रामीणों इलाकों में परिवहन साधनों की कमी से ज्यादा परेशानी हुई.

Private buses parked in Jaipur
जयपुर में खड़ी प्राइवेट बसें (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 27, 2026 at 9:44 AM IST

5 Min Read
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जयपुर: प्राइवेट बसों की हड़ताल तीन दिन बाद आखिर गुरुवार रात समाप्त हो गई. प्रशासन से वार्ता में विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद बस ऑपरेटर्स की मांगें पूरी करने पर सहमति बनी. कुछ मांगों पर सहमति बन गई. प्राइवेट बस ट्रांसपोर्टर्स ने हड़ताल समाप्ति की घोषणा की एवं देर रात से निजी बसों का संचालन शुरू कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 फरवरी की अजमेर सभा में बसों के संकट की आशंका थी. सरकार के दखल के हड़ताल समाप्त हो गई.

प्राइवेट बस ऑपरेटर्स सोमवार रात 12:00 बजे से हड़ताल पर थे. प्रदेश भर में 35 से 40 हजार प्राइवेट बसों का संचालन तीन दिन से बंद था. इससे आम यात्रियों को काफी परेशानी हुई. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कत आई. प्रदेश भर में प्रतिदिन करीब 15 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हो रहे थे. प्राइवेट बसों की हड़ताल से रोडवेज बसों पर यात्री भार बढ़ गया था. लंबी दूरी पर जाने वाले यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. खासकर होली का त्योहार निकट होने पर घर जाने वाले परेशान थे.

प्राइवेट बस ऑपरेटर्स बोले... (ETV Bharat Jaipur)

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सीएमओ ने संज्ञान लिया: ऑल राजस्थान कांटेक्ट कैरिज बस आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर में करीब 35000 प्राइवेट बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. गुरुवार रात प्रशासन से वार्ता में सहमति बनने पर निजी बसों की हड़ताल समाप्त कर दी गई. लगातार खराब होते हालात पर सीएमओ ने संज्ञान लिया. डीजीपी ने जयपुर पुलिस के अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए. इसके बाद बस ऑपरेटर्स से वार्ता की गई. बस ऑपरेटर्स के साथ वार्ता में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव पचार, डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा, जयपुर कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी शामिल हुए. वार्ता में समझाइश के बाद बस ऑपरेटर हड़ताल समाप्त करने को तैयार हुए. कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी के साथ बातचीत में कुछ मांगों पर सहमति बन गई, जबकि कुछ मांगें विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद पूरा करने का आश्वासन दिया गया.

इन बिंदुओं पर वार्ता

  • आरटीओ धर्मेंद्र चौधरी और परिवहन निरीक्षक राजेश चौधरी को एपीओ किया जाए
  • सीज वाहन तुरंत रिलीज किए जाए
  • परिवहन विभाग से निलंबित आरसी फिटनेस तुरंत बहाल किए जाए और फिटनेस से रोक हटाई जाए
  • परिवहन विभाग के नियम विपरीत बनाए चालान निरस्त किए जाए
  • राजस्थान मोटर वाहन नियम 1990 के नियम संख्या 521 के स्टेज कैरिज बस की छत पर माल ढुलाई के स्पष्ट नियम हैं. स्टेज कैरिज बस पर केरियर के लिए आदेश करें
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सभी नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाए
  • अन्य राज्यों की तुलना में टीपी की अवधि 24 घंटे की जाए
  • पूर्व में पंजीकृत बसें अन्य राज्य से एनओसी लेकर आने पर यथास्थिति में पंजीकृत की जाएगी
  • एआईटीपी से कवर्ड बसों का टैक्स स्लैब अलग से निर्धारित किया जाए, जो वर्तमान में नहीं है
  • लोक परिवहन का परमिट 8 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किया जाए

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इन बिंदुओं पर सहमति: जिला कलेक्टर सोनी ने बस ऑपरेटर्स की बात सक्षम स्तर पर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. जो वाहन सीज होकर जिनका पंजीयन निलंबित किया जा चुका है, उनको वाहन स्वामी की अंडरटेकिंग के आधार पर रिलीज किया जाए. वाहन स्वामी कमियों को ठीक करवा भौतिक निरीक्षण राज्य के किसी भी जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में करवाने पर तुरंत प्रभाव से नियम अनुसार पंजीयन बहाली की जाएगी. 182 ए में बनाए चालानों का निस्तारण न्यायालय या कार्यालय में करवाने और ऑल्ट्रेशन के आधार पर प्रशमन राशि पर प्रकरणों के निस्तारण पर सहमति जताई गई.

छत पर लैगेज: स्टेज कैरिज बस की छत पर लैगेज केरियर से संबंध में आरएमवीआर के नियम 521 और 524 का विधि परीक्षण कराने पर सहमति जताई गई. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नियम लागू करने के संबंध में विभाग के स्तर पर परीक्षण कर MORTH से पत्राचार कर मार्गदर्शन अनुसार अग्रिम कार्रवाई करने पर सहमति जताई गई. बिंदु संख्या अन्य राज्य की तुलना में टीपी की अवधि 24 घंटे किए जाने पर सहमति जताई गई. इस संबंध में विभाग की ओर से आदेश प्रसारित किए जाएंगे. पूर्व में पंजीकृत बसें अन्य राज्य से एनओसी लेकर आने पर यथास्थिति में पंजीकृत करने की मांग पर पूर्व में विभाग की ओर से जारी सुरक्षा मापदंडों की पूर्ति कर पंजीयन करने पर सहमति जताई गई.

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इस पर बाद में निर्णय: एआईटीपी से कवर्ड बसों का टैक्स स्लैब अलग से निर्धारित करने वाली बात पर मार्च के बाद निर्णय करने के लिए सक्षम स्तर पर वार्ता करने हेतु सहमति दर्शाई गई है. लोक परिवहन बसों के परमिट अवधि को तर्कसंगत किए जाने का विभाग स्तर पर परीक्षण कर कार्रवाई के लिए सहमति जताई है.