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निजी बैंक कर्मचारी ने कस्टमर्स के ₹31 लाख हड़पे, दिया म्यूचुअल फंड और अधिक मुनाफे का झांसा

बैंक के कर्मचारी ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी की. बैंक के ग्राहकों से रकम हड़पने का आरोप.

BANK EMPLOYEE COMMITTED FRAUD
बैंक कर्मचारी ने कस्टमरों के ₹31 लाख किए इधर से उधर (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 1, 2026 at 1:42 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: प्राइवेट बैंक के देहरादून क्षेत्रीय प्रबंधक ने जाखन शाखा में तैनात एक कर्मचारी पर लाखों रुपयों की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है. आरोप है कि कर्मचारी बैंक के कस्टमरों को म्यूचुअल फंड और अधिक मुनाफे वाली स्कीमों का लालच देकर उनके रुपयों की हेराफेरी करता था. बैंक की जांच में अभी तक 8 कस्टमर के 31 लाख से अधिक रुपयों की धोखाधड़ी की जा चुकी है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक रितेश श्रीवास्तव ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी कर्मचारी राजेश रंजन निवासी डांडा नूरीवाला, आईसीआईसीआई बैंक के जाखन शाखा में तैनात था. वह शाखा में आने वाले ग्राहकों को अधिक रिटर्न का लालच देकर निवेश के नाम पर रकम लेता था. ग्राहक, बैंक कर्मचारी पर भरोसा करके उसे पैसे सौंप देते थे. लेकिन राजेश उस रकम को निवेश करने के बजाय अलग-अलग तरीकों से अपने खातों में ट्रांसफर कर लेता था.

धोखाधड़ी का खुलासा 15 जुलाई 2025 को तब हुआ, जब ग्राहक गीता पासवान बैंक पहुंचीं और उन्होंने खाते से चार लाख रुपए धोखे से निकल जाने की शिकायत की. इसके कुछ दिन बाद ही एक अन्य ग्राहक अजीत ने भी अपने खाते से तीन लाख रुपए गायब होने की शिकायत दर्ज कराई.

बैंक की ओर से कराई गई आंतरिक जांच में जानकारी मिली कि आरोपी राजेश ने कुल 8 ग्राहकों को शिकार बनाया है. जिनसे 31 लाख 71 हजार रुपए की हेराफेरी की है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राजेश बेहद शातिर तरीके से रकम हड़पता था. आरोपी राजेश ने गीता पासवान के पैसे आरटीजीएस के जरिए अपने दोस्त प्रांशु के खाते में भेजे और वहां से अपने एसबीआई खाते में मंगवा लिए. कई मामलों में ग्राहकों के चेक से नकद निकाल कर अपने खाते में जमा किया गया. इतना ही नहीं, आरोपी राजेश ने एक ग्राहक गुरु प्रसाद के प्री अप्रूव्ड क्रेडिट कार्ड से फोन पे रेंटल के नाम पर करीब सवा तीन लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए.

इस शिकायत से पहले क्षेत्रीय प्रबंधक पूर्व अधिकारी वैभव गोयल ने 7 अगस्त 2025 को ही थाना राजपुर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी दे दी थी. लेकिन उस समय मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. लेकिन करीब 4 महीने बाद अब दोबारा तहरीर देने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है.

थाना राजपुर प्रभारी बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत के आधार पर आरोपी राजेश रंजन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.

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