चंपावत वन प्रभाग दिवस का प्रमुख वन संरक्षक ने किया शुभारंभ, मानव वन्यजीव संघर्ष पर हुई चर्चा, सुनीं समस्याएं
प्रमुख मुख्य वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम पर वन अधिकारियों के साथ चर्चा की.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 29, 2025 at 9:08 AM IST
चंपावत: उत्तराखंड के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं. प्रमुख मुख्य वन संरक्षक ने जिला मुख्यालय वन विभाग परिसर में आयोजित वन महकमे की प्रभाग दिवस कार्यक्रम की शुरुआत की. इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने वन पंचायतों से संबंधित विभिन्न समस्याओं को सुना और समस्याओं के निस्तारण के लिए निर्देशित किया. इस मौके पर मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम की मांग पर गंभीरता के साथ चर्चा हुई. साथ ही उसके निस्तारण का भी प्रमुख वन संरक्षक ने भरोसा दिलाया.
चंपावत वन विभाग परिसर में प्रमुख वन संरक्षक (आईएफएस) रंजन कुमार मिश्र की अध्यक्षता में प्रभाग दिवस का आयोजन किया गया. चंपावत से शुरू की गई वन विभाग की इस अनूठी पहल को पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में विभिन्न वन विभाग के अधिकारियों के साथ साथ वन पंचायत सरपंचों ने प्रतिभाग किया. इससे पहले प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड मिश्र ने चंपावत जिले के मैदानी क्षेत्र का शनिवार को एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन का भ्रमण किया था. उन्होंने पावर स्टेशन स्थित विद्युत गृह, स्विच यार्ड, बैराज परिसर, इंडो नेपाल कैनाल को देखा.
प्रभाग दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी वन पंचायत सरपंचों व सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि वन विभाग के वन्य जीव संघर्षों को रोकने में सभी लोग सहयोग करें. इस दौरान जिलेभर से आए हुए विभिन्न लोगों ने अपनी अपनी समस्याएं रखी. वन पंचायत सरपंचों ने जंगली जानवरों से बचाव, हक हकूक, तारबाड़, पानी की समस्या समेत अन्य समस्याओं को वन संरक्षक के सम्मुख रखा. उन्होंने सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया है. साथ ही उन्होंने जनपद में लगातार बढ़ रहे वन्यजीव संघर्षों को रोकने के लिए वन विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किए जाने की बात कही.
इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि आमजन एवं वन महकमे के अधिकारी मौजूद रहे. प्रमुख वन संरक्षक ने वन विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निस्तारण के निर्देश जारी किए. साथ ही मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम को लेकर वन विभाग को संजीदगी से प्रयास करने के लिए निर्देशित किया. जिससे मानव वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके.
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