ETV Bharat / state

6 लाख में स्कॉर्पियो का झांसा देकर करोड़ों ठगने वाला 12वीं फेल आरोपी प्रिंस प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार

एसओजी ने प्रिंस को गिरफ्तार करने के बाद उसके खातों को खंगाला, तो उसमें महज ढाई लाख रुपए ही थे.

The accused is in police custody
पुलिस गिरफ्त में आरोपी (ETV Bharat Jodhpur)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 7, 2026 at 5:21 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

जोधपुर: जिले के भोपालगढ़ थाना क्षेत्र में गत वर्ष सैंकड़ों लोगों को सिर्फ 6 लाख में स्कॉर्पियो एसयूवी देने का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी प्रिंस सैनी उर्फ बंशीलाल को भोपालगढ़ पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है. बुधवार को पुलिस ने उसे जोधपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड प्राप्त किया. प्रिंस सैनी पर अलग-अलग तरीके से करीब 50 करोड़ की ठगी करने का आरोप है.

एसयूवी बांटने की डेट से पहले गिरफ्तार: थानाधिकारी राजूराम बामणिया ने बताया कि आरोपी ने एक कंपनी बनाकर 250 लोगों से उसमें इनवेस्ट करने पर 6 लाख रुपए में स्कॉर्पियो देने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपए ले लिए थे. इसका जोर-शोर से प्रचार भी किया था. हालांकि उसके एसयूवी बांटने के पहले ही एसओजी ने सितंबर में उसे गिरफ्तार कर लिया था. उसके साथ ब्यावर निवासी ममता भाटी और मेडता सिटी निवासी दिनेश बागडी को भी एसओजी ने पकड़ा था. उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लाए हैं. कोर्ट ने तीन दिन का पीसी रिमांड दिया है.

पढ़ें: एसओजी ने ठगी के आरोपी को उत्तराखंड से दबोचा, सस्ती स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर का देते थे लालच

12वीं में फेल हो गया था प्रिंस: भोपालगढ़ इलाके के धोरु गांव निवासी प्रिंस उर्फ बंशीलाल 12वीं कक्षा में फेल हो गया था. सबसे पहले उसने मल्टीवेल मार्केटिंग कंपनी बनाई. इस दौरान उसने कई लोगों से 12-12 हजार रुपए लिए. कुल 6 लाख रुपए एकत्र कर फरार हो गया. फिर उसने ग्रो मोर एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी खोली. इसमें उसने 2 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स से तीन-तीन हजार रुपए के हिसाब से 60 लाख से ज्यादा वसूले और भाग गया. इसके बाद उसने 120 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज देने का लालच देकर भी लोगों को करोड़ों रुपए ठग लिए.

पढ़ें: चार करोड़ की ठगी गैंग का सरगना गिरफ्तार: क्रिप्टो और स्टॉक के नाम पर 14 राज्यों में कर चुका वारदात

सार्वजनिक कामों में चंदा दे बनाई थी पैठ: आरोपी ने हारवेस्ट एआई टेक्नोलॉजी नामक कंपनी बनाई. इसके तहत लोगों को लालच दिया गया कि इस कंपनी में जो 6 लाख रुपए निवेश करेगा, उसे कंपनी के मुनाफे के साथ-साथ एक स्कॉर्पियो भी दी जाएगी. गांवों में उसने कई जगहों पर सार्वजनिक कामों के लिए चंदा दिया. हर मंदिर में रुपए दिए. इससे लोग उससे प्रभावित हुए. ​गत वर्ष करीब चार माह तक यह क्रम चलता रहा. इस दौरान ही 250 लोगों ने उसे 6-6 लाख रुपए दे दिए. उसने गत वर्ष 15 अक्टूबर को स्कॉर्पियों देने की घोषणा की थी. इससे पहले सितंबर में ही एसओजी ने प्रिंस सहित तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया था. एसओजी ने उसके खातों की पड़ताल की, तो सामने आया था कि उनमें सिर्फ ढाई लाख रुपए ही थे. वह फरार होने वाला था.