विश्व पुस्तक मेला 2026: ‘शौर्य और प्रज्ञा @75’ थीम में दिखा भारतीय सेनाओं का गौरव
प्रदर्शनी में भारतीय सेना के गौरवशाली अतीत और आधुनिक शक्ति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा.

Published : January 11, 2026 at 6:56 PM IST
|Updated : January 11, 2026 at 8:33 PM IST
नई दिल्ली: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (World Book Fair 2026) भारत मंडपम में शुरू हो चुका है. विश्व पुस्तक मेले में बना ‘थीम मंडप 2026’ दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है. यह मंडप भारत की सैन्य विरासत के 75 वर्षों की ऐतिहासिक और निर्णायक यात्रा को दिखा रहा है, जिसकी जड़ें शौर्य, प्रज्ञा और नैतिक मूल्यों में निहित हैं. इसमें कथाओं, दृश्यात्मक प्रस्तुतियों और संवाद के माध्यम से 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर 2025 तक भारत की सैन्य यात्रा को रेखांकित करता है.
यहां परमवीर चक्र विजेताओं, तीनों सेनाओं की भूमिका, सिग्नलिंग के विकास और महिला सैनिकों के योगदान को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है. मंडप में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत, तेजस के बारे भी बताया गया है. यहां परमवीर चक्र विजेताओं, युद्ध नायकों, वीर जवानों और भारतीय सेनाओं में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को समर्पित विशेष दीवार लोगों का खास ध्यान खींच रही हैं. ‘वैलर स्कल्पचर’, ‘सागा ऑफ वैलर’, ‘इंडियन ट्राई-फोर्सेस शोकेस’ और ‘वुमन इन फोर्सेस’ जैसे सेक्शन युवाओं के लिए विशेष प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं.
नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का आयोजन 10 से 18 जनवरी तक भारत मंडपम में किया जा रहा है. हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले की एक विशेष थीम रखी गई है. इस वर्ष की थीम भारतीय सेनाओं और सैन्य इतिहास को समर्पित है, जिसे ‘इंडियन मिलिट्री वैलर एंड विजन-शौर्य और प्रज्ञा @75’ नाम दिया गया है.

निदेशक युवराज मलिक ने आगे बताया कि थीम मंडप में 1947 से लेकर वर्तमान ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की गाथा को किताबों, परिचर्चाओं, समूह चर्चाओं, डिजिटल वीडियो और विशेष प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है. यहां आगंतुकों को भारतीय सशस्त्र बलों के संघर्ष, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से रूबरू कराया जा रहा है.

भावी पीढ़ी अपने वीरों से लें प्रेरणा: पुस्तक मेला में आए आर्य दीपक राणा ने बताया कि इस पंडाल में भारतीय सेना को समर्पित सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक लड़ी गई लड़ाइयों, वीर-वीरांगनाओं और शहीदों के बलिदान के साथ-साथ युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर गंभीर चर्चा हो रही है. उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य भावी पीढ़ी अपने वीरों से प्रेरणा लेकर देश को विकसित बनाने में योगदान दें.

तीनों सेनाओं के पराक्रम को एक साथ दिखाया: पुस्तक मेले में आए संतोष ने बताया कि इस बार थीम मंडप में डिफेंस को प्रमुखता से जोड़ा गया है. सेना, नौसेना और वायुसेना के पराक्रम को एक साथ दिखाया गया है, जिसे बड़ी संख्या में लोग देखने आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस पहल से लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान और समझ गहरी हो रही है.

रविवार को उमड़ा जनसैलाब: रविवार को विश्व पुस्तक मेला 2026 के दूसरे दिन भारी भीड़ देखने को मिली. सुबह से ही भारत मंडपम के प्रवेश द्वारों पर लंबी कतारें नजर आईं. छात्र-छात्राओं के साथ-साथ परिवार और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में मेले में पहुंचे. प्रकाशकों के स्टॉल्स के साथ-साथ थीम मंडप में सबसे अधिक भीड़ रही, जहां लोग भारतीय सेनाओं के शौर्य, इतिहास और समकालीन अभियानों को करीब से देख और समझते नजर आए.
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