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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा: आगडीह हवाई पट्टी पर भव्य स्वागत, जशक्राफ्ट हस्तशिल्प की सराहना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जशपुर जिले के आगडीह हवाई पट्टी पर आगमन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण के रूप में दर्ज हुआ.

President Droupadi Murmu
राष्ट्रपति का जशपुर में जोरदार स्वागत (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : December 30, 2025 at 5:34 PM IST

3 Min Read
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जशपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज जशपुर पहुंची. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति का स्वागत किया. आगडीह हवाई पट्टी पर पारंपरिक आत्मीयता और सम्मान के साथ राष्ट्रपति का स्वागत हुआ.

राष्ट्रपति को पारंपरिक उपहार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पारंपरिक उपहार भी दिया गया. यह जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत तैयार किए गए स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद है, जिन्हें जशपुर जिले के स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों विशेष रूप से बांस और सवई घास से बनाया गया है. यह जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक कला का जीवंत उदाहरण हैं.

जशपुर हवाई पट्टी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (ETV BHARAT)

राष्ट्रपति ने की तारीफ

राष्ट्रपति ने हस्तनिर्मित कलाकृतियों को देखा और स्थानीय कारीगरों की रचनात्मकता, कौशल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की तारीफ की. उन्होंने कहा कि जशक्राफ्ट के जरिए बनाए जा रहे उत्पाद न केवल पारंपरिक जनजातीय कला का संरक्षण कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय संसाधनों के लगातार उपयोग का भी प्रेरक उदाहरण हैं.

जशपुर वनमंडल के नवाचार की सराहना

राष्ट्रपति ने कहा कि यह पहल जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय विरासत, स्थानीय कारीगरों की मेहनत और जशपुर वनमंडल द्वारा किए जा रहे नवाचारपूर्ण प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

President Droupadi Murmu in Jashpur
जशपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत (ETV BHARAT)

जशपुर वनमंडल द्वारा किए जा रहे नवाचारों के तहत ग्राम कोटानपानी की संयुक्त वन प्रबंधन समिति को चक्रीय निधि से वित्तीय सहायता प्रदान की गई है. इस सहायता से ग्रामीण महिला कारीगरों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं.

जशपुर क्राफ्ट की खासियत जानिए

⦁ समिति के सदस्य बांस और सवई घास का उपयोग कर आकर्षक, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल हस्तशिल्प उत्पाद बना रही है.

⦁ जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत तैयार किए जा रहे उत्पादों में झुमके, माला, टोपी सहित अन्य पारंपरिक आभूषण और दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं.

⦁ ये सभी उत्पाद स्थानीय कारीगरों की पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक कला, कौशल और जनजातीय ज्ञान का सशक्त प्रतिबिंब हैं.

⦁ निर्माण की पूरी प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के सिद्धांतों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है.

⦁ स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण परिवारों का आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है, बल्कि जशपुर क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय हस्तकला को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं.

⦁ स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार खुलेंगे, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

जशपुर वनमंडल ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की नवाचारपूर्ण और जनकल्याणकारी पहल जारी रहेगी, जिससे पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन और विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके.

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