रांची के वेंडर मार्केट में नियमों का खेल! दुकानें किराये पर देने वालों पर निगम की नजर, जांच समिति गठित
रांची के वेंडर मार्केट में आवंटित दुकानों को अवैध रूप से किराए पर देने वालों के खिलाफ नगर निगम कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.


Published : July 6, 2026 at 2:43 PM IST
रांची: राजधानी रांची के विभिन्न वेंडर मार्केट में आवंटित दुकानों को अवैध रूप से किराये पर देने के आरोपों के बीच रांची नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है. निगम को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कई आवंटित वेंडर खुद दुकान संचालित करने के बजाय उसे दूसरे लोगों को भारी किराये पर देकर लाभ कमा रहे हैं.
इतना ही नहीं, कुछ लाभुक दुकान किराये पर देकर दोबारा फुटपाथ और मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण कर कारोबार कर रहे हैं. शिकायतों के बाद निगम ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं सड़क विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 तथा निगम के नियमों के तहत वेंडर मार्केट की दुकानें केवल उसी व्यक्ति के उपयोग के लिए आवंटित की जाती हैं, जिसे निगम द्वारा लाभुक के रूप में चयनित किया गया है. दुकान को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देना या सब-लीज करना पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है. यदि जांच में इस तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित दुकानदार का आवंटन रद्द किया जा सकता है. साथ ही निगम को सुरक्षा राशि जब्त करने और दुकान का पुनः आवंटन करने का भी अधिकार है.

निगम को कचहरी रोड स्थित अटल स्मृति वेंडर मार्केट, मोरहाबादी सहित अन्य वेंडर मार्केट से लगातार शिकायतें मिल रही हैं. शिकायतों में कहा गया है कि कुछ लोगों ने एक से अधिक दुकानें अपने नाम आवंटित करा ली हैं, जबकि कई दुकानें किराये पर चल रही हैं. इससे वास्तविक जरूरतमंद फुटपाथ दुकानदारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
निगम अब इन शिकायतों का भौतिक सत्यापन कर रहा है और दुकानों के उपयोग की जांच की जा रही है. इस पूरे मामले पर रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि शिकायतें निगम के संज्ञान में हैं और जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है.

मेयर रोशनी खलखो ने कहा, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोगों ने चार-चार दुकानें ले रखी हैं और उन्हें किराये पर दे दिया है. कुछ लोग अवैध रूप से भी वेंडर मार्केट में दुकान चला रहे हैं. असामाजिक तत्वों के जमावड़े की भी शिकायत मिली है. इन सभी मामलों की जांच के लिए समिति बनाई गई है. समिति निगरानी कर रही है और जल्द ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. आने वाले दिनों में इस मामले का निष्पादन कर दिया जाएगा.

नगर निगम का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले लाभुकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर आवंटन रद्द करने, दुकान खाली कराने और नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है. निगम का मानना है कि वेंडर मार्केट का उद्देश्य फुटपाथ दुकानदारों को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर दुकान को व्यवसाय का माध्यम बनाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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