किडनी ट्रांसप्लांट की ओर रिम्स ने बढ़ाया कदम! जल्द होगी एडवायजरी कमेटी की अहम बैठक
किडनी ट्रांसप्लांट की ओर रिम्स ने बढ़ाया कदम है.

Published : January 3, 2026 at 7:16 PM IST
रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रांची में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने की तैयारी तेज हो गयी है. राज्य सरकार की योजना रिम्स के बाद अन्य सरकारी अस्पतालों में भी चरणबद्ध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा उपलब्ध कराने की है.
इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के उप सचिव ध्रुव प्रसाद द्वारा पत्रांक 01 (13) के माध्यम से संबंधित विभागों को पत्र भी जारी किया गया है. इसके तहत 09 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. यह बैठक अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में आयोजित की जाएगी. बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग करेंगे.
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 09 जनवरी को आहूत होनेवाली बैठक में रांची के दो अस्पतालों, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) एवं निजी अस्पताल राज हॉस्पिटल, रांची को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए पंजीकरण एवं लाइसेंस प्रदान किए जाने पर विचार करने के बाद निर्णय लिया जाएगा.
मेडिकल संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने से पहले क्या है प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति से पूर्व संबंधित राज्यों के निदेशक-प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाता है. यह समिति संबंधित अस्पताल का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ फैकल्टी, नेफ्रोलॉजी एवं यूरोलॉजी सेवाएं, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ब्लड बैंक सहित अन्य आवश्यक संसाधनों का विस्तृत आकलन करती है. निरीक्षण के उपरांत समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करती है.
तकनीकी समिति की रिपोर्ट के आधार पर एडवायजरी कमिटी यह निर्णय लेती है कि संबंधित अस्पताल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी सभी निर्धारित मानकों एवं अर्हताओं को पूरा करता है या नहीं. मानकों की पूर्ति होने की स्थिति में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में अंतिम निर्णय लेकर किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस जारी किया जाता है.
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू होने से राज्य के किडनी रोगियों को इलाज के लिए बाहर के राज्यों में जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी तथा झारखंड में उन्नत चिकित्सा सेवाओं को नया आयाम मिलेगा.
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