बेलगड़िया बनेगा रोजगार का नया हब, विस्थापितों के लिए सरकार की कई पहल
धनबाद में विस्थापित लोगों के लिए बनाई गई बेलगड़िया टाउनशिप में रोजगार और दूसरी सुविधाओं के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है.


Published : May 27, 2026 at 7:53 PM IST
धनबाद: अग्नि प्रभावित और भू-धंसान वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने की योजना के तहत बेलगड़िया टाउनशिप को विकसित किया गया, लेकिन विस्थापित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता थी रोजगार की. लोग यह सवाल उठा रहे थे कि अगर वे पुराने मोहल्लों को छोड़कर बेलगड़िया जाएंगे तो उनके रोजगार का क्या होगा? अब इसी चिंता को दूर करने के लिए जिला प्रशासन और सरकार की ओर से बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है.
बेलगड़िया टाउनशिप को सिर्फ आवासीय कॉलोनी नहीं बल्कि रोजगार और व्यवसाय का नया केंद्र बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है. प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में यहां व्यापार, स्किल डेवलपमेंट और उद्योग के जरिए हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. जिला प्रशासन की योजना है कि यहां बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाए, जहां करीब दो सौ से अधिक दुकानें स्थापित होंगी. इन दुकानों के जरिए विस्थापित परिवारों को व्यापार और स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी है.
प्रशासन का मानना है कि जब यहां मुख्य सड़क और व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी तो लोगों की आमद बढ़ेगी और इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा. छोटे व्यवसाय, किराना दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, मेडिकल, कपड़ा दुकान और अन्य व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह क्षेत्र नया बाजार बन सकता है.
बनायी जाएगी टू लेन सड़क
डीसी आदित्य रंजन ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार सिर्फ लोगों को बसाने का काम नहीं कर रही बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी लगातार काम हो रहा है. उन्होंने बताया कि बेलगड़िया से होकर गुजरने वाली रिंग रोड को टू लेन मुख्य सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा. यह सड़क कुसमा टांड़ से सीधे धनबाद से जुड़ती है.
फिलहाल, धनबाद जाने के लिए लोगों को बलियापुर से बाईपास रोड होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. टू लेन नई सड़क बनने के बाद करीब दस किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी. इससे आवाजाही आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. प्रशासन का मानना है कि सड़क बनने के बाद बेलगड़िया का महत्व और बढ़ेगा. यहां बाजार विकसित होंगे, वाहन आवाजाही बढ़ेगी और लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलने लगेंगे.

युवाओं के लिए खोला जाएगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर
बेलगड़िया में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए स्किल डेवलपमेंट पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है. यहां दो बड़े स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने की तैयारी है. इन केंद्रों में पांच सौ से अधिक युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, कंप्यूटर, मशीन संचालन, सिलाई, इलेक्ट्रिकल, सर्विस सेक्टर और अन्य रोजगारपरक कोर्स से जोड़ा जाएगा ताकि वे प्रशिक्षण के बाद नौकरी हासिल कर सकें या खुद का रोजगार शुरू कर सकें. प्रशासन का कहना है कि कोशिश यह है कि विस्थापित परिवारों के युवा सिर्फ मजदूरी तक सीमित न रहें बल्कि प्रशिक्षित होकर बेहतर रोजगार हासिल करें.

टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने की दिशा में भी हो रहा काम
यही नहीं, बेलगड़िया टाउनशिप में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है. प्रशासन की ओर से अलग-अलग कंपनियों से बातचीत की जा रही है. टेक्सटाइल मिल्स के लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है. अगर यह योजना धरातल पर उतरती है तो बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिल सकेगा. टेक्सटाइल उद्योग शुरू होने से सिलाई, पैकिंग, मशीन ऑपरेशन और अन्य कार्यों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में बेलगड़िया को एक विकसित टाउनशिप के रूप में तैयार किया जाएगा जहां रहने के साथ-साथ रोजगार और व्यापार की भी पर्याप्त व्यवस्था होगी.

बेलगड़िया में हो रहा बदलाव
बेलगड़िया में रह रहे लोगों का कहना है कि पहले की तुलना में अब यहां काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ रही हैं और रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. लोगों को उम्मीद है कि मुख्य सड़क बनने और बाजार विकसित होने के बाद यहां रोजगार के और ज्यादा अवसर खुलेंगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उद्योग और बाजार स्थापित हो जाते हैं तो बेलगड़िया आने वाले समय में धनबाद का एक बड़ा व्यवसायिक और आवासीय केंद्र बन सकता है.
एक समय बेलगड़िया टाउनशिप को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं थीं. लेकिन अब प्रशासन यहां रोजगार, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहा है. आने वाले दिनों में अगर सड़क, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, स्किल सेंटर और टेक्सटाइल उद्योग की योजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो बेलगड़िया सिर्फ विस्थापितों की कॉलोनी नहीं बल्कि रोजगार और विकास का नया मॉडल बन सकता है.
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