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कल रेखा आर्य के आवास कूच करेंगे पीआरडी जवान, बोले- 'आश्वासन से परेशान हो चुके हैं हम'

'हम राज्य सरकार के झूठे आश्वासनों से परेशान हो चुके हैं. अब विभागीय मंत्री का आवास कूच करेंगे.' यह ऐलान पीआरडी जवानों ने किया है.

PRD JAWAN
प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन के पदाधिकारी (फोटो सोर्स- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 27, 2026 at 5:22 PM IST

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देहरादून: अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर पीआरडी यानी प्रांतीय रक्षक दल के जवान गुरुवार यानी 28 मई को विभागीय मंत्री रेखा आर्य के आवास के लिए कूच करेंगे. उन्होंने सरकार पर लंबे समय से मांगे नहीं मानने को लेकर गहरा आक्रोश जताते हुए वादाखिलाफी के आरोप लगाए. प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि हम राज्य सरकार के झूठे आश्वासनों से परेशान हो चुके हैं और गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर यमुना कॉलोनी में मंत्री आवास कूच करेंगे.

प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन के जिलाध्यक्ष नवीन सिंह बिष्ट ने बताया कि सरकार की मनमानी के चलते दो सूत्रीय मांगों को लेकर एकता विहार धरनास्थल पर पीआरडी जवानों का धरना 71वें दिन भी जारी रहा. संगठन ने सरकार पर लंबे समय से सिर्फ आश्वासन देने का आरोप लगाते हुए जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि 18 मार्च 2026 से शुरू हुए धरना प्रदर्शन के दौरान 22 मार्च को कैंडल मार्च, 25 मार्च को मुख्यमंत्री आवास कूच और 2 अप्रैल को सचिवालय कूच कर सरकार और विभागीय अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाई गई थी. इसके बाद 6 अप्रैल को विभागीय मंत्री रेखा आर्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभागीय सचिव अमित सिन्हा, विभागीय अधिकारी और संगठन के सदस्य शामिल हुए थे.

संगठन का कहना है कि बैठक में मंत्री आर्य ने दो सूत्रीय मांगों के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाने का आश्वासन दिया था. आश्वासन के बाद जवानों ने आगामी कैबिनेट तक शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे रहने का निर्णय लिया, लेकिन डेढ़ महीने बीतने और दो कैबिनेट बैठकों के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया.

पीआरडी जवानों की है ये मांगे-

  1. पीआरडी जवानों को साल के 365 दिन रोजगार दिया जाए.
  2. होमगार्ड की तर्ज पर मूल वेतन पर डीए (महंगाई भत्ता) के साथ (समान कार्य समान वेतन) दिए जाए.

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 21-22 सालों से विभिन्न सरकारों की ओर से पीआरडी जवानों को केवल घोषणाएं और आश्वासन दिए गए हैं. संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी दो सूत्रीय मांगों का शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा.

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