माघ मेले में 20 बेड के दो अस्पताल, जानिए मरीजों को क्या- क्या मिली सुविधाएं?
फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और नियमित स्वास्थ्य जांच के जरिए मलेरिया, डायरिया और अन्य बीमारियों से बचाव पर जोर दिया जा रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 5, 2026 at 3:46 PM IST
प्रयागराज: माघ मेला 2026 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन ने व्यापक और बहुस्तरीय चिकित्सा–व्यवस्था की है. संगम की रेती पर बसाए गए मेला क्षेत्र में छोटे उपचार से लेकर गंभीर मरीजों के इलाज तक की पूरी तैयारी है. परेड ग्राउंड और गंगा पार झूंसी साइड में 20–20 बेड के 2 अस्पताल स्थापित किए गए हैं. यहां अस्पतालों में ओपीडी, निशुल्क दवा वितरण से लेकर इमरजेंसी माइनर सर्जरी, डिलिवरी, खून जांच तक की सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं. यही नहीं माघ मेले में विशेष तौर पर 80 एंबुलेंस की भी स्थापना की गई है.
प्रयागराज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने ईटीवी भारत को बताया कि श्रद्धालुओं के लिए माघ मेला क्षेत्र में 2 बड़े अस्पताल स्थापित किए गए हैं. एक गंगा हॉस्पिटल है जो कि माघ मेला क्षेत्र में झूंसी साइड, तुलसी मार्ग पर शास्त्री पुल के नीचे है और एक त्रिवेणी हॉस्पिटल स्थापित किया गया है जाे कि परेड ग्राउंड में स्थापित किया गया है. इन हॉस्पिटल्स को हाईटेक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में निपटा जा सके. इसके अलावा 2-2 बेड के 12 और अस्पताल माघ मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टर्स में स्थापित किए गए हैं.
20-20 बेड के दोनों अस्पताल में सभी तरह की मेडिकल इमरजेंसी सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया है. माइनर सर्जरी भी यहां की जाएंगी और अगर मेजर सर्जरी की जरूरत पड़ी तो मरीज को तत्काल एंबुलेंस से बड़े अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा. माघ मेला क्षेत्र में 50 और आसपास के क्षेत्र में 30 अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है.

इमरजेंसी पर 1920 करें डायल: इन अस्पतालों में ओपीडी भी चलेगी और श्रद्धालु यहां अपनी समस्याएं दिखा करके निशुल्क दवाई भी ले सकते हैं. इसके अलावा इमरजेंसी होने पर मरीजों को यहां भर्ती करने की व्यवस्था भी है. 24 घंटे यहां चिकित्सकों की और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता रहेगी. आकस्मिक सेवाएं हमारी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी. अगर किसी श्रद्धालुओं को इमरजेंसी होती है तो उसे 1920 नंबर पर कॉल करना होगा. मेडिकल टीम मरीज को उसकी लोकेशन से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराएगी और तत्काल उसका इलाज शुरू होगा.
डॉ. अरुण ने बताया कि माघ मेले में श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए 75 डॉक्टर्स और 218 पैरामेडिकल स्टाफ की टीम तैनात की गई है.

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में एंबुलेंस की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल या शहर के बड़े चिकित्सा संस्थान तक पहुंचाया जा सके. गंभीर मरीजों के लिए रेफरल सिस्टम तैयार किया गया है और शहर के सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त बेड रिजर्व रखे गए हैं.
हाइजीन का भी विशेष ध्यान: स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार पानी, भोजन और साफ-सफाई की निगरानी कर रही हैं. जलजनित और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है. फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और नियमित स्वास्थ्य जांच के जरिए मलेरिया, डायरिया और अन्य बीमारियों से बचाव पर जोर दिया जा रहा है.
फूड सेफ्टी और स्वच्छता पर सख्ती: मेला क्षेत्र में खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों और भंडारों की नियमित जांच की जा रही है. खराब या अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. श्रद्धालुओं को उबला या सुरक्षित पेयजल इस्तेमाल करने और खुले में कटे फल या संदिग्ध भोजन से बचने की सलाह दी गई है.

- माघ मेले में 20–20 बेड के 2 बड़े अस्पताल
- 2–2 बेड के 12 और अस्पताल स्थापित
- अस्थायी अस्पताल और मेडिकल पोस्ट
- 24 घंटे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ
- मेला क्षेत्र में 50 एंबुलेंस तैनात
- 75 डॉक्टर्स और 218 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती
- गंभीर मरीजों के लिए रेफरल सिस्टम
- जल और भोजन की नियमित जांच
- संक्रामक रोगों की रोकथाम के विशेष अभियान
यह भी पढ़ें: प्रयागराज ही नहीं, यूपी के इस जिले में भी लगता है माघ मेला; संत-गृहस्थ करते हैं कल्पवास, जानिए क्या है इतिहास

