प्रयागराज में 6 महीने से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ 10 घंटे की मशक्कत के बाद पिंजड़े में कैद
फूलपुर वन रेंज के छेमैया गांव में घुस गया था तेंदुआ. रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और माघ मेले के श्रद्धालुओं ने ली राहत की सांस.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 10:18 AM IST
प्रयागराज : संगम नगरी प्रयागराज में बीते 6 महीने से आतंक और खौफ का पर्याय बना तेंदुआ 10 घंटे के रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम के हत्थे चढ़ गया. तेंदुआ के पकड़े जाने के बाद फूलपुर वन रेंज से जुड़े गांवों के लोगों के साथ माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है.
छेमैया गांव निवासी संगीता के अनुसार बीते गुरुवार को तेंदुआ ने गांव में दस्तक दी थी. गांव में तेंदुआ घुसने की खबर से अफरातफरी का माहौल था. इस दौरान गली में दौड़ा रहा तेंदुआ अचानक उनके घर में घुस गया. घर के अंदर परिवार के अन्य लोग भी थे. किसी तरह सभी ने अपने आप को अलग अलग कमरों में बंद कर लिया. इस दौरान पहुंचे गांववालों ने खिड़की तोड़ कर घर के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला. साथ ही वन विभाग की टीम को सूचना भी दी. ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के हमले से कुछ लोग घायल हुए हैं. हालांकि वन अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहे हैं.
क्षेत्रीय वन अधिकारी फूलपुर लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि जुलाई के दूसरे सप्ताह से तेंदुआ की मौजूदगी पता चली थी.वन विभाग की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चल रही थी, लेकिन तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो रही थी. गुरुवार सुबह छैया गांव में तेंदुआ के होने की सूचना मिली. इसके बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम के साथ कानपुर चिड़ियाघर से आए डॉ. मोहम्मद नासिर मौके पर पहुंचे और तेंदुआ को ट्रेकुलाइज करके पकड़ा. पकड़ा गया नर तेंदुआ का वजन लगभग 70 किलो है और उम्र लगभग 6 वर्ष है. स्वास्थ्य जांच के बाद ही उसे टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा.
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