प्रयागराज में मंत्री एके. शर्मा ने इमरजेंसी को बताया इतिहास का काला अध्याय, बोले- राम मंदिर के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
नगर विकास मंत्री एके. शर्मा ने 1975 के आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और राम मंदिर मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 26, 2026 at 9:41 PM IST
प्रयागराज: वर्ष 1975 में कांग्रेस सरकार द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल की याद में प्रयागराज के जिला पंचायत सभागार में 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा मुख्य वक्ता और मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. उन्होंने कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र के रक्षकों यानी लोकतंत्र सेनानियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और तत्कालीन कांग्रेस सरकार की दमनकारी नीतियों पर जमकर निशाना साधा.
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री एके. शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के संवैधानिक और लोकतांत्रिक इतिहास में एक बेहद काला अध्याय जुड़ा था, जब आधी रात को पूरे देश पर तानाशाही इमरजेंसी थोप दी गई थी.
लाखों निर्दोष लोगों को जेल में बंद किया गया: उन्होंने तत्कालीन परिस्थितियों को याद करते हुए कहा कि 26 जून की सुबह से ही पूरे देश में लाखों निर्दोष लोगों को पकड़कर जेल की काल कोठरियों में बंद कर दिया गया था. उस दौरान देश के आम नागरिकों पर अमानवीय अत्याचार हुए और विभिन्न राजनीतिक पार्टियों व कद्दावर व्यक्तियों को क्रूरतापूर्वक रौंदकर भयंकर यातनाएं दी गईं.
उन्होंने आगे कहा कि हमारी आने वाली युवा पीढ़ियां इस काले दौर से सही सीख ले सकें और भविष्य में ऐसी अलोकतांत्रिक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसी पवित्र उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 से इस दिन को आधिकारिक तौर पर 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. कैबिनेट मंत्री शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों की अप्रतिम बहादुरी को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के संघर्ष और बलिदान के कारण आज देश का लोकतंत्र और पवित्र संविधान पूरी तरह सुरक्षित है.

राम मंदिर के गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा: अयोध्या राम मंदिर के मुद्दे पर विपक्षी बयानों को लेकर बोलते हुए ऊर्जा मंत्री ने बेहद कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम हमारे परम आराध्य हैं और उनके मंदिर या व्यवस्थाओं के साथ जिसने भी गलत किया है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. सरकार ऐसे तत्वों को चिन्हित कर रही है और जांच के बाद दोषियों को कड़ी से कड़ी कानूनी सजा दी जाएगी. इस दौरे के दौरान नगर विकास मंत्री ने प्रयागराज में आगामी महाकुंभ और माघ मेले की तैयारियों तथा अन्य बड़ी विकास परियोजनाओं की भी उच्च स्तरीय समीक्षा की.
महाकुंभ और बिजली व्यवस्था की समीक्षा की: उन्होंने समीक्षा बैठक के बाद बताया कि महाकुंभ से जुड़े ज्यादातर प्रोजेक्ट्स अब समय से पहले पूरे हो चुके हैं और कुछ बचे हुए प्रोजेक्ट्स को भी युद्धस्तर पर जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं. उन्होंने शहर में जल निकासी, चौड़ी सड़कों और निर्बाध बिजली व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की. कैबिनेट मंत्री ने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि सभी स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने बैठक में प्रयागराज की वर्तमान बिजली व्यवस्था पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया है. इसी कार्यक्रम में मंच पर सम्मानित हुए सुल्तानपुर के वरिष्ठ बीजेपी नेता डॉ. हृदय राम ने भी अपने पुराने अनुभवों को साझा किया.

लोकतंत्र सेनानी डॉ. हृदय राम को सम्मानित किया गया: उन्होंने बताया कि 1975 के आपातकाल के दौरान जो लोग जेल की सलाखों के पीछे बंद थे और जिन्होंने लोकतंत्र का खुलकर समर्थन किया, उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद प्रताड़ित किया गया था. आज देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकतंत्र सेनानियों का राजकीय सम्मान हो रहा है, जिससे हम जैसे राष्ट्रभक्तों को एक सुखद और गौरवशाली अनुभव मिल रहा है. उन्होंने गर्व से कहा कि हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि आज देश में लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित है, जिसके कारण ही जनता द्वारा चुने हुए सच्चे लोग देश की सत्ता में शीर्ष पर पहुंच रहे हैं. यदि उस काले दौर में लोकतंत्र न बचा होता, तो आज 500 वर्षों के कलंक का टीका न मिटता और हमें भव्य राम मंदिर प्राप्त नहीं होता. अंत में, डॉ. हृदय राम को मुख्य मंच पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से अंगवस्त्र और 'अभिनंदन पत्र' देकर सम्मानित किया गया.

