करनाल में प्रदीप मिश्रा की कथा रद्द, मचा हंगामा, पास बेचकर आयोजक गायब, पंडितों की दक्षिणा भी अटकी
घरौंडा में प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा रद्द होने पर करोड़ों की वसूली, गायब आयोजकों और बकाया भुगतानों पर विवाद छिड़ गया है.

Published : May 15, 2026 at 10:30 AM IST
करनाल: जिले के घरौंडा शहर में 17 मई से शुरू होने वाली कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा रद्द होने के बाद हंगामा मच गया. कथा को लेकर पिछले कई सप्ताह से बड़े स्तर पर प्रचार किया जा रहा था. आसपास के जिलों समेत दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु घरौंडा पहुंचने लगे थे. हालांकि अचानक कथा रद्द होने की घोषणा से श्रद्धालुओं ने जमकर बवाल काटा.
पास और दान के नाम पर लाखों की वसूली: लोगों का आरोप है कि आयोजकों ने कथा के नाम पर श्रद्धालुओं से बड़ी रकम जुटाई. कथा में सेवा, कलश यात्रा, वीआईपी बैठने की व्यवस्था और विशेष पास के नाम पर 5100 रुपये से लेकर 2 लाख 51 हजार रुपये तक लिए गए. श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आस्था का सहारा लेकर लाखों रुपये इकट्ठे किए गए और अंतिम समय में आयोजन रद्द कर दिया गया.
मंडी में चल रही थीं भव्य तैयारियां:घरौंडा की अनाज मंडी में कथा के लिए विशाल पंडाल, मंच और लाइटिंग की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं. टेंट लगाने का काम भी चल रहा था. बड़ी संख्या में लोग भंडारे और दान के लिए सामान लेकर पहुंच रहे थे. 16 मई को कलश यात्रा निकाली जानी थी, लेकिन उससे पहले ही आयोजकों ने अपने काउंटर बंद कर दिए और कथा रद्द होने की सूचना दे दी.
श्रद्धालुओं ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप: कथा में शामिल होने पहुंचे लोगों ने आयोजकों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए. श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने परिवार सहित कथा में शामिल होने के लिए भारी रकम देकर सीटें बुक करवाई थीं. कई लोगों ने आरोप लगाया कि आयोजन समिति ने धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है.
आयोजकों का दावा: इधर, आयोजन समिति से जुड़े संजय गोयल ने कहा कि, "कथा के लिए दान एकत्र किया गया था, लेकिन खर्च अपेक्षा से अधिक बढ़ गया. कथा आयोजन पर करीब 4 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान था और कथावाचक पक्ष को 25 लाख रुपये दिए जा चुके थे. घरौंडा से करीब 13 लाख रुपये दान के रूप में आए हैं. करनाल और पानीपत से कितनी राशि आई, इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है." वहीं, आयोजक सतीश कुमार ने कहा कि, "पैसे पूरे इकट्ठे नहीं हो पाए, इसलिए कथा रद्द करनी पड़ी. जिन्होंने दान दिया है, उन्हें पैसा वापस किया जाएगा."

टेंट और भुगतान विवाद ने बिगाड़ी तस्वीर: लोगों की मानें तो टेंट ऑपरेटर और आयोजकों के बीच भुगतान को लेकर विवाद बढ़ गया था. इसी विवाद के बाद पूरा आयोजन संकट में आ गया. जिस भव्य धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह था, वही अब विवाद और अव्यवस्था का केंद्र बन गया है.
कथा से पहले चल रहे थे धार्मिक अनुष्ठान: वहीं, शिव महापुराण कथा से पहले करनाल की दीवान कॉलोनी स्थित एक मकान में हवन, जप और पूजा-पाठ का आयोजन चल रहा था. कई पंडित पिछले दिनों से लगातार धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे. बताया गया कि 12 मार्च से 8 पंडित अलग-अलग समय में पूजा और यज्ञ कर रहे थे.
पंडितों की दक्षिणा अटकी: मुख्य पंडित सत्यनारायण शास्त्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि, " मुझे व अन्य पंडितों को अब तक दक्षिणा नहीं मिली है. तय हुआ था कि सभी पंडितों को करीब 2 लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि एक पंडित की प्रतिदिन 700 रुपये दिहाड़ी तय थी.हमें सतीश और अशोक कल्याण ने बुलाया था. अब सभी के फोन बंद आ रहे हैं. कोई जवाब देने वाला नहीं है. पूजा सामग्री अभी भी मौके पर रखी हुई है और नाराज पंडित सामान उठाने की बात कर रहे हैं."

मकान मालिक ने भी लगाए बकाया के आरोप: वहीं, जिस मकान में पूजा-पाठ चल रहा था, उसके मालिक ने भी आयोजकों पर किराया और बिजली बिल नहीं देने का आरोप लगाया है. मकान मालिक ने कहा कि, "धार्मिक आयोजन का हवाला देकर मकान लिया गया था, लेकिन दो महीने का करीब 80 हजार रुपये किराया और लगभग 13 हजार रुपये बिजली बिल अभी तक नहीं चुकाया गया."
ये भी पढ़ें:हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, प्रदेश सरकार के साथ सहमति के बाद फैसला

