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उत्तराखंड में IFS अफसरों के तबादले बने 'पहेली', फिर फाइनल होते-होते रह गई सूची

उत्तराखंड में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर फिर अटका, बैठक में सूची पर नहीं लग पाई अंतिम मुहर

Uttarakhand Forest Department
वन भवन उत्तराखंड (फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : March 25, 2026 at 10:29 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पहेली सी बन गई है. स्थिति ये है कि पहले तो लंबे समय तक इस पर विचार ही नहीं होता और जब इसके लिए सरकार कुछ मन बनाती भी है तो फाइल होते-होते रह जाती है. इस बार भी दोबारा ऐसा ही कुछ हुआ.

उत्तराखंड में भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के तबादले एक बार फिर उलझन भरी पहेली बनते जा रहे हैं. लंबे समय से लंबित ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया इस बार भी अंतिम चरण में पहुंचकर अटक गई, जिससे न केवल अधिकारियों में असमंजस की स्थिति है, बल्कि वन विभाग के कामकाज पर भी इसका असर पड़ता दिखाई दे रहा है.

आईएफएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर बनी अलग स्थिति: प्रदेश में आईएफएस अधिकारियों के तबादले आमतौर पर सिविल सर्विस बोर्ड की सिफारिशों और मंजूरी के बाद ही किए जाते हैं. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें विभिन्न अधिकारियों की नई तैनाती पर अंतिम मुहर लगती है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग ही बनी हुई है.

तमाम स्तरों पर मंथन और तैयारी के बावजूद सूची फाइनल होने से पहले ही प्रक्रिया रुक जा रही है. अधिकारियों की नई तैनाती को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा हो चुकी है. इतना ही नहीं प्रस्तावित तबादला सूची में कई अधिकारियों के नाम भी शामिल कर लिए गए हैं. इसके बावजूद अंतिम निर्णय नहीं लिया जा पा रहा है.

बैठक में सूची पर नहीं लग पाई अंतिम मुहर: मंगलवार शाम को सचिवालय में लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया को पूरा करने की एक और कोशिश की गई. उम्मीद थी कि इस बार सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक में तबादला सूची को मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन एक बार फिर किन्हीं कारणों से बैठक में सूची पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई. यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसा हुआ हो.

इससे पहले भी बैठक की तारीख तय की गई थी, लेकिन किसी कारणवश बैठक हो ही नहीं सकी थी. इस बार भी ठीक वैसा ही देखने को मिला, जिससे यह मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया है. अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अगली बैठक कब आयोजित होगी और तबादला सूची को अंतिम रूप कब दिया जाएगा. हालांकि यह कहा जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में नई तारीख तय की जा सकती है, जिसमें इस प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश की जाएगी.

पूरे घटनाक्रम से क्या पड़ रहा असर? वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच वन विभाग में कार्य व्यवस्था प्रभावित होती दिख रही है. प्रदेश में इस समय फॉरेस्ट फायर सीजन चल रहा है, जो कि वन विभाग के लिए बेहद संवेदनशील समय होता है. ऐसे में विभिन्न पदों पर स्थायी तैनाती न होने के कारण कामकाज प्रभावित हो सकता है.

कई पद ऐसे हैं, जहां अतिरिक्त प्रभार के तहत काम चलाया जा रहा है, जबकि कुछ अधिकारी बिना स्थायी पोस्टिंग के ही इंतजार कर रहे हैं. अधिकारियों के बीच भी इस स्थिति को लेकर असमंजस देखा जा रहा है. लंबे समय से अपनी नई तैनाती का इंतजार कर रहे अधिकारी अनिश्चितता की स्थिति में हैं. ये सवाल भी लगातार उठ रहा है कि आखिरकार तबादला प्रक्रिया में इतनी देरी क्यों हो रही है?

उत्तराखंड में आईएफएस अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है. बार-बार बैठक टलने और सूची फाइनल न होने से यह मामला और उलझता जा रहा है. अब सबकी नजरें अगली सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक पर टिकी हैं, जहां उम्मीद की जा रही है कि इस लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को आखिरकार अंतिम रूप दिया जाएगा.

"अभी सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक में निर्णय नहीं हो पाया है और जल्द ही नई तारीख तय होने के बाद इस पर विचार किया जाएगा."- रंजन कुमार मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ, उत्तराखंड

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