विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गूंजी रामसर साइट, पौंग बांध में 1.24 लाख पक्षियों का रिकॉर्ड आगमन
हर वर्ष की तरह इस बार भी बार-हेडेड गूज यानी कलहंस की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 6, 2026 at 4:28 PM IST
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पौंग बांध वेटलैंड (रामसर साइट) में इस बार रिकॉर्ड संख्या में विदेशी परिंदों का आगमन हुआ है. वाइल्ड लाइफ विभाग की ओर से की गई वार्षिक गणना में यहां 1 लाख 24 हजार से अधिक विदेशी पक्षियों की मौजूदगी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा संकेत है, बल्कि पौंग बांध की समृद्ध जैव विविधता और सफल संरक्षण प्रयासों का भी प्रमाण माना जा रहा है.
रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे विदेशी परिंदे
वाइल्ड लाइफ विभाग की ओर से 30 और 31 जनवरी को करवाई गई गणना में पौंग बांध क्षेत्र में कुल 1,24,344 विदेशी परिंदे दर्ज किए गए. इस व्यापक सर्वेक्षण के दौरान 115 विभिन्न प्रजातियों की पहचान की गई, जो अब तक की सबसे अधिक रिकॉर्डिंग मानी जा रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का आगमन इस वेटलैंड के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है.
बार-हेडेड गूज की सबसे अधिक मौजूदगी
हर वर्ष की तरह इस बार भी बार-हेडेड गूज यानी कलहंस की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई. गणना के अनुसार पौंग बांध क्षेत्र में 62,293 बार-हेडेड गूज पाए गए. यह प्रजाति मध्य एशिया और तिब्बत क्षेत्र से लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचती है. इनकी बड़ी संख्या में मौजूदगी इस बात को दर्शाती है कि पौंग बांध उनके लिए सुरक्षित और अनुकूल प्रवास स्थल बना हुआ है.
25 सेक्टरों में बांटकर की गई गणना
सटीक और प्रभावी गणना सुनिश्चित करने के लिए इस बार वाइल्ड लाइफ विभाग ने पौंग बांध अभयारण्य को 25 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया था. इस अभियान में विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न शोध संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और पक्षी विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। सभी सेक्टरों में एक साथ सर्वे कर आंकड़े जुटाए गए, जिससे गणना अधिक विश्वसनीय बन सकी.
विदेशों से हजारों किलोमीटर का सफर
हर साल सर्दियों में मध्य एशिया, साइबेरिया, रूस, तिब्बत और ट्रांस-हिमालयी क्षेत्रों से प्रवासी पक्षी भोजन और अनुकूल जलवायु की तलाश में पौंग बांध पहुंचते हैं. पौंग बांध का विशाल जल क्षेत्र, शांत वातावरण और भरपूर प्राकृतिक संसाधन इन पक्षियों के लिए आदर्श प्रवास स्थल उपलब्ध कराते हैं. यही कारण है कि हर वर्ष यहां पक्षियों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है.
अन्य प्रमुख प्रजातियों की संख्या
गणना के दौरान यूरेशियन कूट 12,118, नॉर्दर्न पिंटेल 11,928, कॉमन टील 7,265, लिटिल कॉर्मोरेंट 4,544, कॉमन पोचार्ड 3,522 और ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब 3,322 की संख्या दर्ज की गई. इसके अलावा ग्रे लैग गूज, ग्रेट कॉर्मोरेंट, यूरेशियन विजन, नॉर्दर्न शोवेलर और विभिन्न प्रजातियों के गल, टर्न और लैपविंग भी बड़ी संख्या में पाए गए.
डीएफओ वाइल्ड लाइफ धर्मशाला संजीव सिंह ने बताया, "इस वर्ष 30 जनवरी से 2 फरवरी तक गणना अभियान चलाया गया. बड़ी संख्या में विदेशी परिंदों का आगमन विभाग के लिए उत्साहजनक है. आने वाले समय में प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए निगरानी और संरक्षण उपायों को और सुदृढ़ किया जाएगा."
वन्य जीव विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी पक्षियों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि पौंग बांध वेटलैंड का संरक्षण सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. जल गुणवत्ता, शिकार पर नियंत्रण और मानवीय हस्तक्षेप में कमी जैसे कदमों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है. इससे जैव विविधता के संरक्षण को मजबूती मिल रही है.
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