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सरगुजा में पीलिया पर पॉलिटिक्स, मेयर मंजूषा भगत ने कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा, बोलीं "षड्यंत्र की बू आ रही है"

सरगुजा में पीलिया पर मेयर अपनी जिम्मेदारी से बचती दिख रहीं हैं. उन्होंने कांग्रेस पर सारा दोष मढ़ दिया है

Jaundice increased problem in Ambikapur
अंबिकापुर में पीलिया ने बढ़ाई परेशानी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 24, 2026 at 10:35 PM IST

4 Min Read
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सरगुजा : अंबिकापुर शहर पीलिया के प्रकोप से कराह रहा है. शहर में स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया के 42 से अधिक मरीजों की पुष्टि की है. जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया और एहतियातन कैंप लगाकर लोगों की स्क्रीनिंग और पेयजल सप्लाई की जांच शुरू की गई है. पेयजल के लिए हुए कुछ सैम्पल खराब निकले, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर की जांच में ईकोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है. इससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया है.

बीजेपी और कांग्रेस में छिड़ा सियासी वॉर

इस बीच नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने अधिकारियों से चर्चा की और इलाके में स्वास्थ्य कैंप और पानी पाइपलाइन की जांच शुरू कराई. उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया आरोप के जवाब में आज मेयर मंजूषा भगत अपनी टीम के साथ क्षेत्र में पहुंची और इसे एक षड्यंत्र बता रही हैं. बड़ी बात ये है की मेयर ये खुद स्वीकार रही हैं की इलाके में बहुत गंदगी है साफ सफाई बिल्कुल नहीं है. सवाल ये है कि जिम्मेदार कौन हैं, मेयर जब खुद जिम्मेदार पद पर है तो वो आखिर सवाल किस पर उठा रही हैं.

अंबिकापुर में पीलिया का प्रकोप (ETV BHARAT)

हम लोग को तो सिर्फ़ 10 दिन से पता चला है और 3– 4 महीना के पेशेंट है बता रहे हैं. संबंधित हमारे कमिश्नर को जानकारी नहीं थी और हमारे यहां के जो संबंधित अधिकारी जल विभाग के प्रभारी तक को जानकारी नहीं थी. दूषित पानी यदि था तो पहले से सूचना मिलनी चाहिए थी- मंजूषा भगत, महापौर, अंबिकापुर

महापौर ने पीलिया प्रकोप को बताया षडयंत्र

महापौर मंजूषा भगत कहती हैं कि "स्वास्थ्य विभाग से भी और संबंधित यहां के जो पार्षद है उनके द्वारा भी और अचानक बताया जा रहा है कि इलाके में पीलिया प्रकोप है. इस एरिया में पर्टिकुलर यहां लाखों हजारों लोग पानी पी रहे हैं. इसमें सोचने की बात है, इसमें पूरा षडयंत्र का बू आ रहा है.

पीलिया होना सिर्फ पानी का कारण तो नहीं हो सकता है. यहां की स्थिति देख के लगता है कि यहां सफाई बरसों बाद भी नहीं हुई है. आज जो यहां हम खड़े होने लायक नहीं है. तो यहां के संबंधित जो है पार्षद उसको भी देखना चाहिए. नाली पूरा जाम पड़ा है. साफ सफाई नहीं हुई है-मंजूषा भगत, महापौर, अंबिकापुर

साफ सफाई के लिए भी दूसरों को दिया दोष

महापौर आगे कहती हैं कि दो गली सिर्फ पीलिया के शिकार हैं. ऊपर से नीचे जांच का विषय है. जांच के दौरान पता चलेगा कि कितने पेशेंट हैं. यहां की स्थिति बहुत ही खराब है. सफाई एकदम जीरो है. इससे भी पीलिया फैल सकता है. हम लोग चार परिवार से मिले तो चार परिवार में जो टिकट होता है उनको 2 महीना पुराना डेट का दिखा रहा है. तो ये दिसंबर का दिखा रहा है.

"कहीं नहीं आने पर कर्मचारी जो नाली सफाई कर रहे हैं, हमारे आने पर ही पता चला तो यह अभी सफाई हो रहा है. नालियों में जो गंदगी है तीन चार साल से साफ नहीं हुई है- मंजूषा भगत, महापौर, अंबिकापुर

हमको पहले जानकारी रहती तो यहां सफाई करवा दिया जाता, लेकिन आज मैं आके देखी हूं कि पूरे एरिया में गंदगी फैला है और पर्टिकुलर इसी क्षेत्र में इस टाइप का पीलिया फैला है. हमारी टीम सभी चीज की जांच कर रही है.

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