नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों ने झोंकी ताकत, बीजेपी ने की ईवीएम से चुनाव कराने की मांग
झारखंड नगर निकाय चुनाव को दलीय आधार और ईवीएम पर कराने को लेकर राजनीति तेज हो गई है.

Published : January 2, 2026 at 6:06 PM IST
|Updated : January 2, 2026 at 6:46 PM IST
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव में अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाने की तैयारी शुरू कर दी है. दलीय आधार पर चुनाव कराने की तैयारी में जुटे विपक्ष ने सरकार को निकायों में स्वशासन के साथ विकास के लिए इसे आवश्यक माना है. सरकार पर दलीय आधार पर चुनाव कराने, बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से चुनाव कराने और जल्द इसकी घोषणा करने की मांग को लेकर भाजपा ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है.
निकाय चुनाव दलीय आधार पर हो: बीजेपी
राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को दलीय आधार पर चुनाव कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा कार्यकर्ता आंदोलन की रूपरेखा बना रहे हैं. इधर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा की मांग को ठुकराते हुए कहा है कि पार्टी हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है. जिला स्तर पर इसकी तैयारी पूरी की जा रही है. जल्द ही इस चुनाव की घोषणा किए जाने की संभावना है.
शहरी निकाय क्षेत्र में बीजेपी का मजबूत पकड़ माना जाता है. पिछले चुनाव में बीजेपी समर्थक राज्य के प्रमुख शहर रांची, बोकारो, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, चाईबासा जैसे नगर निकाय क्षेत्र के प्रमुख पदों पर जगह बनाने में सफल रहे थे. जाहिर तौर पर इन नगर निकायों में एक बार फिर मेयर, नगर परिषद अध्यक्ष जैसे पदों पर जीतना बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है. वहीं सत्तारूढ़ जेएमएम, कांग्रेस और राजद पिछले विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी अधिक से अधिक कार्यकर्ता और नेताओं के अप्रत्यक्ष रुप से चुनाव जीतने की उम्मीद रखे हुए हैं.
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