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1984 के दंगों पर हरियाणा में राजनीति तेज, माफी वाला पर्चा फाड़ने के विरोध में BJP ने पानीपत में किया प्रदर्शन

1984 का सिख विरोधी दंगों पर हरियाणा में इन दिनों राजनीति तेज हो गई है. भाजपा लगातार इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है.

POLITICS IN HARYANA OVER 1984 RIOTS
1984 के दंगों पर हरियाणा में राजनीति तेज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 29, 2026 at 5:47 PM IST

3 Min Read
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पानीपत: हरियाणा विधानसभा में 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर माफी की मांग के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर सियासत गरमा गई है. विधानसभा में सिख विधायक जरनैल सिंह की ओर से 1984 के दंगों को लेकर माफी की मांग से संबंधित पर्चा दिखाए जाने और उसे फाड़कर नीचे फेंके दिया गया था. इसके विरोध में शनिवार को पानीपत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के पुतले फूंके गए.

'पर्चा नहीं, सिख समाज की भावनाएं थीं': पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि "1984 के दंगों के दौरान सिख समाज पर हुए अत्याचारों को लेकर विधानसभा में माफी की मांग से संबंधित पोस्टर को फाड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. यह केवल कागज का टुकड़ा नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश के सिख समाज की भावनाओं से जुड़ा विषय था. भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है."

माफी वाला पर्चा फाड़ने के विरोध में BJP ने पानीपत में किया प्रदर्शन (ETV Bharat)

निशाने पर बरोदा विधायक इंदुराज नरवालः उन्होंने आरोप लगाया कि "विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर पहुंचे थे. रतिया के विधायक जरनैल सिंह ने 1984 के दंगों को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए पोस्टर दिखाया था, जिसे बरोदा विधायक इंदुराज नरवाल ने कथित तौर पर उनके हाथ से लेकर फाड़कर नीचे फेंक दिया." पंवार ने कहा कि "कांग्रेस नेताओं को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. 1984 के दंगों का दर्द आज भी सिख समाज के मन में है और इस प्रकार की घटना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है."

'विपक्ष कर्मचारियों के आंदोलन को लंबा खींचने का प्रयास कर रहा है': सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मंत्री ने कहा कि "सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है. करीब एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विपुल गोयल और कृष्ण बेदी की मौजूदगी में कर्मचारियों के मांग-पत्र पर विस्तार से चर्चा हुई थी." उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों की लगभग सभी मांगों को स्वीकार किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने 50 वर्ष तक की आयु वाले कर्मचारियों को भविष्य में नियमित करने की बात भी स्वीकार की है. पंवार ने विपक्ष पर आंदोलन में राजनीतिक दखल देने का आरोप लगाते हुए कहा कि "करीब 3,400 सफाई कर्मचारी इस आंदोलन से जुड़े हैं. विपक्ष के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह कर्मचारियों के आंदोलन को लंबा खींचने का प्रयास कर रहा है. सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ सम्मानपूर्वक बातचीत के लिए हमेशा तैयार है और आगे भी वार्ता का सिलसिला जारी रहेगा."

नेपाल की घटना पर जताया दुखः पंचायत मंत्री ने नेपाल में हुई घटना पर भी दुख जताया. उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही घटना पर शोक व्यक्त कर चुके हैं. घटना में प्रभावित लोगों को लेकर पूरी और प्रामाणिक सूची सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी. सरकार मृतकों और प्रभावित परिवारों के प्रति पूरी संवेदना व्यक्त करती है. प्रदर्शन में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा, भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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