पेसा नियमावली पर झारखंड में सियासत गर्म, बाबूलाल मरांडी बोले-सरकार छीन रही आदिवासियों का अधिकार, कांग्रेस ने किया पलटवार
झारखंड में पेसा नियमावली पर सियासत शुरू हो गई है. बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधा है, वहीं कांग्रेस ने भी पलटवार किया है.

Published : January 8, 2026 at 6:52 PM IST
रांची:भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा गुरुवार को पेसा नियमावली को लेकर उठाए गए सवाल और कांग्रेस-झामुमो पर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी सह महासचिव राकेश सिन्हा ने कहा कि यह सही है कि कांग्रेस ने ही देश के जनजातीय समुदाय के लोगों को स्वशासन के तहत पेसा कानून का अधिकार दिया और उसे लागू भी करा रही है. बाबूलाल मरांडी के पेट में दर्द इसलिए हो रहा है क्योंकि पेसा नियमावली बनाने से अधिसूचित क्षेत्र के जनजातीय समुदाय में हर्षोल्लास का माहौल है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि बाबूलाल मरांडी और उनकी पार्टी पहले से ही जनजातीय समुदाय दूर हो चुकी है. अब जब पेसा नियमावली के क्रियान्वयन के बाद ग्राम सभा और जनजातीय समुदाय के पास सत्ता चली जाएगी तो फिर भाजपा और बाबूलाल मरांडी का इस राज्य में कुछ नहीं बचेगा.
जनता ने बाबूलाल को किया बेरोजगारः राकेश सिन्हा
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि दरअसल बाबूलाल मरांडी को जनता ने बेरोजगार कर दिया है. ऐसे में उनके पास कोई काम नहीं बचा है, इसलिए वह सिर्फ पीसी और सोशल मीडिया तक सीमित रह गए हैं. उन्होंने कहा कि अगर अधिसूचित क्षेत्र के लोगों की ओर से कोई परिवर्तन या बदलाव की मांग की जाती है तो सरकार जरूर उस पर विचार करेगी.
क्या कहा था बाबूलाल मरांडी ने आज पीसी के दौरान
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर "पेसा नियमावली" को लेकर हेमंत सरकार पर सीधा हमला बोला था. बाबूलाल मरांडी ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था कि पेसा अधिनियम 1996 आदिवासी समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने इसकी मूल भावना से छेड़छाड़ की है. उन्होंने कांग्रेस का नाम लेकर कहा था कि जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान 1996 में पेसा कानून बनाया, वहीं कांग्रेस आज सत्ता लोभ में पेसा कानून के मूल भावना में छेड़छाड़ के बावजूद उस नियमावली का गुणगान कर रही है.
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाते हुए संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था कि हेमंत सरकार ने नियमावली बनाकर ग्राम सभा से उन्हीं लोगों का अधिकार छीन लिया, जो रूढ़िवादी आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों को मानते और निभाते हैं. मरांडी ने उदाहरण देते हुए कहा था कि संथाल समाज की पूजा-पद्धति को बदलने का अधिकार किसी सरकार को नहीं है, लेकिन पेसा के नाम पर परंपराओं को कमजोर किया जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड की 35 आदिवासी जातियों की अलग-अलग आस्था और रूढ़िवादी पद्धतियां हैं, उसे नजरअंदाज और कमजोर करने की कोशिश पेसा नियमावली में की गई है. बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से पेसा अधिनियम 1996 में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बंद करने की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि भाजपा इसका हर स्तर पर विरोध करेगी.
खूंटी में पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या पर सरकार पर निशाना
इधर, भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने खूंटी में आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोमा मुंडा की निर्मम हत्या को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने X पर पोस्ट कर खूंटी में आदिवासी नेता एवं पड़हा राजा सोमा मुंडा की निर्मम हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
उन्होंने लिखा कि हेमंत सरकार के शासनकाल में आदिवासी समाज को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जो राज्य की बदहाल कानून-व्यवस्था को उजागर करता है.बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आम जनता, विशेषकर आदिवासी समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. अपने पोस्ट के जरिए नेता प्रतिपक्ष ने खूंटी पुलिस और झारखंड पुलिस से मांग की है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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