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योजनाओं के नाम पर राजनीति: कांग्रेस का आरोप, योजनाओं का नाम बदल अपनी सरकार की ब्रांडिंग कर रही मोदी सरकार, भाजपा ने किया पलटवार

कांग्रेस ने भाजपा पर कांग्रेस के शासनकाल की योजनाओं का नाम बदलकर अपनी ब्रांडिंग करने का आरोप लगाया.

POLITICS OVER NAMING IN JHARKHAND
कांग्रेस और बीजेपी नेता (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 10, 2026 at 3:45 PM IST

6 Min Read
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रांची: कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आलोक दुबे ने नरेंद्र मोदी की 32 फ्लैगशिप योजनाओं की लिस्ट जारी कर आरोप लगाया है कि ये सारी की सारी योजनाएं कांग्रेस के शासनकाल की योजनाएं हैं. जिसका नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ नाम बदल कर अपनी ब्रांडिंग कर रही है. आलोक दुबे ने कहा कि कांग्रेस की योजनाओं पर सवार होकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार ब्रांडिंग की राजनीति कर रही है.

कांग्रेस नेता आलोक दूबे के आरोप पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कोई काम नहीं किया, बल्कि सिर्फ और सिर्फ गांधी-नेहरू परिवार के नाम पर योजनाएं शुरू की. शिवपूजन पाठक ने कहा कि एक कहावत है 'आंख का अंधा, नाम नयनसुख' कांग्रेस ने इसी कहावत को अपने शासनकाल में चरितार्थ किया है.

नामकरण को लेकर कांग्रेस और बीजेपी नेता का बयान (ईटीवी भारत)

विकास नहीं, सिर्फ नामकरण और प्रचार में उलझी है भाजपा सरकार - कांग्रेस

कांग्रेस प्रदेश महासचिव आलोक दुबे ने कहा कि देश के युवाओं को नाम बदलने का तमाशा नहीं, रोजगार चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य से देश मे पिछले 11-12 वर्षों से यही हो रहा है. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई ढाई दर्जन से अधिक जनकल्याणकारी योजनाओं को केवल नया नाम देकर मोदी सरकार ने अपनी ब्रांडिंग की है, जबकि योजनाओं की मूल सोच, ढांचा और लाभार्थी वही रहे.

आलोक दूबे ने उदाहरण देते हुए कहा कि मनरेगा, इंदिरा आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम, जन औषधि योजना जैसी ऐतिहासिक कांग्रेस सरकार की योजनाओं को अलग-अलग नाम देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा बातें बदलाव की करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में वह कांग्रेस काल की नीतियों और योजनाओं पर सवार होकर राजनीति कर रही है.

आलोक दूबे ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गरीब, किसान, महिला, मजदूर और वंचित वर्ग को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई हैं. लेकिन भाजपा ने केवल ब्रांडिंग, प्रचार और नामकरण तक सीमित है. उन्होंने कहा कि 'देश को नाम बदलने की नहीं, रोजगार, महंगाई नियंत्रण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की जरूरत है'. उन्होंने कहा कि अब भाजपा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर चल रही योजना मनरेगा का नाम बदल दिया है, इसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी.

कांग्रेस का दावा, इन योजनाओं के मोदी सरकार ने बदला नाम

1. मनरेगा (MGNREGA) बदलकर हो गया विकसित भारत जी राम जी योजना
2. एलपीजी के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना को बदल कर PAHAL कर दिया गया
3. बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट को बदल कर जन धन योजना कर दिया गया
4. निर्मल भारत अभियान का नाम बदलकर स्वच्छ भारत मिशन कर दिया
5. राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन का नाम बदलकर दीनदयाल अंत्योदय योजना NULM कर दिया गया
6. प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलोशिप (PPP मॉडल) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना हो गया
7. राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का नाम बदलकर भारतनेट किया गया
8. राष्ट्रीय विनिर्माण नीति को मेक इन इंडिया कर दिया गया
9. इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का नाम प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना कर दिया गया
10. स्वावलंबन योजना का नाम बदलकर कर अटल पेंशन योजना दिया गया
11. राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम का नाम बदलकर स्किल इंडिया कर दिया
12. बीपीएल परिवारों को मुफ्त एलपीजी योजना को नया नाम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना दे दिया
13. संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS) का नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कर दिया
14. राजीव आवास योजना का नाम बदलकर सरदार पटेल राष्ट्रीय शहरी आवास मिशन कर दिया गया
15. राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नाम दिया
16. मृदा स्वास्थ्य व उर्वरता प्रबंधन परियोजना का नाम सॉयल हेल्थ कार्ड कर दिया
17. जन औषधि योजना को प्रधानमंत्री जन औषधि योजना कर दिया
18. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का नाम बदलकर परंपरागत कृषि विकास योजना कर दिया
19. त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कर दिया
20. आम आदमी बीमा योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना कर दिया
21. राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना को डिजिटल इंडिया कर दिया

22. राष्ट्रीय समुद्री विकास कार्यक्रम का नाम बदलकर सागरमाला कर दिया
23. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (आजीविका) का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण योजना
कर दिया
24. राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया
25. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (JNNURM) का नाम बदलकर अमृत (AMRUT) कर दिया
26. विरासत क्षेत्र विकास योजना (JNNURM उप-योजना) हृदय (HRIDAY) हो गया
27. ग्रामीण भारत के लिए नया समझौता (UPA एजेंडा) ग्राम उदय से भारत उदय हो गया
28. सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम का नाम बदलकर मिशन इंद्रधनुष कर दिया
29. व्यापक फसल बीमा योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कर दिया
30. इंदिरा आवास योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना किया गया
31. ICDS के अंतर्गत सेवाएं (1975) को राष्ट्रीय पोषण मिशन (पोषण अभियान) नाम कर दिया

जनता को दिग्भ्रमित करती है कांग्रेस: शिवपूजन पाठक

बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने कहा कि 60-70 वर्ष के शासनकाल में कांग्रेस ने सिर्फ जनता को गुमराह किया है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने सिर्फ बड़ी संख्या में योजनाएं शुरू कर जनता में यह भ्रम फैलाया कि वे जनता के हितैषी हैं. लेकिन इसका कोई लाभ जनता को नहीं मिला. शिवपूजन पाठक ने कहा कि गांधी-नेहरू के नाम पर सिर्फ योजनाएं चलाते रहे. उन्होंने कहा कि जिस राजीव गांधी का खेल से कोई नाता नहीं था, उनके नाम पर खेल रत्न अवार्ड. संजय गांधी के नाम पर 40 से अधिक योजनाएं, यह क्या दर्शााता है!

भाजपा नेता ने कहा कि मनरेगा के नाम बदलने पर इन लोगों को विरोध करने का हक नहीं है. उन्होंने कहा कि अटल जी के शासनकाल में झारखंड का निर्माण हुआ. राज्य में अटल जी के नाम पर चल रही योजना का नाम कांग्रेस के सहयोग से चल रही सरकार ने बदलकर तुष्टीकरण के लिए मदर टेरेसा के नाम कर दिया. इसी तरह श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर चल रहे विश्वविद्यालय का नाम बदलकर वीर बुधु भगत के नाम पर किसने किया, यह कांग्रेस को बताना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने सत्ता में रहकर 400 से अधिक नाम बदले हैं.

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