डेमोग्राफिक चेंज के अध्ययन के लिए बनी कमेटी पर सियासत, झामुमो-कांग्रेस ने मूल मुद्दों से भटकाने वाला बताया
डेमोग्राफिक चेंज के अध्ययन के लिए बनी कमेटी को लेकर झारखंड में सियासत तेज हो गयी है.

Published : May 30, 2026 at 7:50 PM IST
रांची: केंद्र सरकार ने देश के कई इलाकों में डेमोग्राफिक बदलाव के अध्ययन और समाधान के लिए सर्वोच्च न्यायालय के रिटायर न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक पांच सदस्य कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी देश के कई इलाकों में असामान्य रूप से हुए डेमोग्राफी चेंज का अध्ययन और इस समस्या के समाधान के उपाय सुझाएगी. केंद्र सरकार द्वारा गठित की गयी यह कमेटी अगले डेढ़ वर्षों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
देश के कई हिस्सों में हुए डेमोग्राफिक चेंज के अध्ययन के लिए बनी कमेटी को लेकर झारखंड में राजनीति गरमाई हुई है. राज्य के सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने इसको लेकर केंद्र पर निशाना साधा है. उन्होंने सरकार के इस कदम को देश की मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया कदम करार दिया है.
झामुमो, कांग्रेस और राजद के नेताओं का कहना है कि देशवासियों की मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार अब डेमोग्राफिक चेंज के अध्ययन के लिए कमेटी बनाई है. वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश कुमार सिंह ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि डेमोग्राफिक चेंज का जो दंश झारखंड और खासकर पलामू की जनता भुगत रही है. वैसे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा जनसांख्यिकी परिवर्तन (डेमोग्राफिक चेंज) के अध्ययन और इस समस्या के समाधान को संथाल के लोगों के लिए आशा की किरण करार दिया.
ज्वलंत समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए बनी है कमेटी- झामुमो
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि पार्टी का स्पष्ट मानना है कि ज्वलंत समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार ने डेमोग्राफिक चेंज अध्ययन कमेटी बनायी है. देश में पेट्रोल डीजल की किल्लत है, महंगाई चरम पर है, भीषण आर्थिक संकट सामने खड़ा है, युवाओं के रोजगार छीने जा रहे हैं, दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष के सामने हम सरेंडर कर चुके हैं. इन तमाम बातों पर देश की जनता का ध्यान न जाएं इसलिए डेमोग्राफिक चेंज आयोग बनाया गया है. जो एक समुदाय विशेष को टारगेट करेगा और देश मे गलत नैरेटिव सेट करेगा ताकी 2029 लोकसभा चुनाव में उसका लाभ लिया जा सके. मनोज पांडेय ने कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार में देश की सीमाएं भी सुरक्षित नहीं जो घुसपैठिये देश के अंदर आ गए.
आम जनता के लिए नहीं, अपने लिए एजेंडे लाती रहती है भाजपा- सोनाल शांति
झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए डेमोग्राफिक चेंज उच्च स्तरीय कमेटी को भाजपा का नया एजेंडा करार दिया है. उन्होंने कहा कि जब जब देश का युवा, किसान, मजदूर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क पर होते हैं तो भाजपा और केंद्र की सरकार लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एक नया एजेंडा ले आती है. जिससे समाज में आपसी टकराव बढ़े और वह उसका चुनावी लाभ उठा सके.
सोनाल शांति ने सवालिया लहजे में कहा कि जिन मुद्दों को लेकर 2014 में भाजपा सरकार में आई थी उन मुद्दों का क्या हुआ? देश के कितने युवाओं को आज रोजगार मिला, विदेशों में पड़ा कितना करोड़ का काला धन देश में वापस आ गया और कितने लोगों के बीच उसे बांटा गया? बहुत हुई महंगाई की मार...अबकी बार... का नारा लगाने वाले दलों के नेता को आज यह बताना चाहिए कि महंगाई की स्थिति क्या है, डॉलर के मुकाबले रुपया का हाल क्या है?
कसौटी पर कस कर बनाई गयी है डेमोग्राफिक चेंज को लेकर कमेटी- बीजेपी
डेमोग्राफिक चेंज पर बनी उच्च स्तरीय कमेटी पर झामुमो, कांग्रेस, राजद के नेताओं के बयान पर झारखंड भाजपा के प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में दिल्ली में जनजातीय समुदाय के कार्यक्रम में आदिवासी-वनवासी लोगों ने जो दर्द बयां किया, उसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने यह कमेटी बनाई है. यह सत्य की कसौटी पर कस कर कमेटी बनी है. राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा अभी हाल ही में संथाल से लौटीं हैं, उन्होंने वहां के जनजातीय समुदाय की पीड़ा बयान करने लायक नहीं है.
इसे भी पढ़ें- डेमोग्राफी चेंज पर आया सीएम हेमंत सोरेन का बयान, केंद्र की हाई लेवल कमेटी पर कसा तंज

