मनरेगा से जीराम जी तक सियासी संग्राम: गांधी नाम, राम काम और दिग्विजय पर भाजपा का तीखा वार
मनरेगा के नामकरण, ‘जीराम जी योजना और कांग्रेस के विरोध पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने तीखा हमला बोला है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 30, 2025 at 5:05 PM IST
रायपुर: भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कांग्रेस पर गांधी जी के नाम के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया. उन्होंने 'राम' नाम से जुड़ी योजना को गांव-गांव रोजगार और ईमानदारी से जोड़ते हुए उसकी सराहना की. अरुण सिंह ने कांग्रेस की कथित विफलताओं पर सवाल उठाए और दिग्विजय सिंह के हालिया आरएसएस प्रशंसा वाले बयान पर चुटकी भी ली.
''गांधी जी असली थे, राहुल 'नकली गांधी', नामकरण पर तीखा तंज''
अरुण सिंह ने कहा कि जब ग्रामीण रोजगार योजना शुरू हुई थी, तब उसमें गांधी जी का नाम नहीं था. कांग्रेस ने बाद में अपने चुनावी फायदे के लिए गांधी जी का नाम जोड़ा. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ''वह गांधी जी थे और आज यह राहुल नकली गांधी हैं, बापू से इनका कोई संबंध नहीं है.''
अरुण सिंह ने कहा कि अब योजना का नाम ‘जीराम जी से जुड़ा है, जिसमें भगवान राम का नाम आता है. इससे लोगों में श्रद्धा बढ़ेगी. वे ईमानदारी से काम करेंगे और गांव-गांव तक रोजगार पहुंचेगा. इसकी तारीफ होनी चाहिए, इसमें दिक्कत क्यों हो रही है?- अरुण सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री
''मनरेगा में गड्ढे ही गड्ढे, विकास नहीं''
अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा के नाम पर कई विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ गड्ढे ही नजर आते थे. उन्होंने कहा,''इतने गड्ढे थे कि गिनने लग जाइए तो विधानसभा क्षेत्र छोटा पड़ जाए.'' उनका आरोप था कि मनरेगा में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए, खासकर पश्चिम बंगाल में. उन्होंने दावा किया कि वहां 19 जिलों में मनरेगा के तहत दिखाया गया काम जमीन पर हुआ ही नहीं, जांच में पूरी स्कीम को बोगस पाया गया, जिसके चलते केंद्र सरकार ने राशि रोक दी.
''गांव में पूछिए, क्या विकास दिखा?''
भाजपा नेता ने कहा कि अगर किसी भी गांव में जाकर पूछा जाए कि पिछले पांच साल में मनरेगा के तहत क्या विकास हुआ, तो लोग न स्कूल बता पाएंगे, न तालाब, न सड़क।“सिर्फ गड्ढे खोदना और फिर गड्ढे भरना—यही काम हुआ''. अरुण सिंह के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि गांव में ठोस और स्थायी विकास दिखे.
''जीराम जी’ से ठोस काम, कांग्रेस को दिक्कत''
अरुण सिंह ने कहा कि अब ‘जीराम जी’ योजना के तहत जो पैसा जाएगा, उससे जमीन पर ठोस काम दिखाई देगा और गांव का वास्तविक विकास होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर सकारात्मक काम का विरोध करती है, इसलिए जनता लगातार उसे नकार रही है. उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस जीरो होती जा रही है और आने वाले पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु चुनाव में भी उसकी स्थिति कमजोर रहेगी.
''छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन अग्रणी''
अरुण सिंह ने छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र स्तर पर जब राज्यों के कार्यक्रमों की समीक्षा होती है, तो छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल रहता है. उन्होंने वंदे मातरम के 150 वर्ष, संविधान दिवस, सरदार पटेल जयंती और अटल जी की जन्मशताब्दी कार्यक्रमों का उल्लेख किया और बताया कि हाल ही में 175 अटल परिसरों की स्थापना की गई है.
''दिग्विजय की ‘क्षणिक सद्बुद्धि?''
दिग्विजय सिंह द्वारा आरएसएस की तारीफ पर अरुण सिंह ने व्यंग्य करते हुए कहा, ''उन्होंने संघ और भाजपा को बहुत गालियां दी हैं. हो सकता है कि अब उनकी क्षणिक सद्बुद्धि आ गई हो और जुबान पर सरस्वती बैठ गई हो.'' भाजपा प्रवेश के सवाल पर उन्होंने कहा, ''हमें किसी को परिवर्तित करने की जरूरत नहीं, भाजपा अपने आप में बहुत बड़ी ताकत है.''
मुख्यमंत्री मोहन यादव का सियासी ऑफर
हाल ही में दिग्विजय सिंह ने खुले मंच से आरएसएस की कार्यशैली और संगठन की मजबूती की सराहना की थी. इस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें बधाई देते हुए मजाकिया अंदाज में भाजपा में आने का ऑफर दे दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, ''आरएसएस एक मजबूत संगठन है और अगर दिग्विजय सिंह इसकी ताकत समझ चुके हैं, तो यह स्वागतयोग्य है. अगर वे चाहें, तो भाजपा ऐसे अनुभवी नेताओं का सम्मान करती है.'' तीनों मुद्दों को जोड़ते हुए भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा सियासी हमला बोला है. इसके साथ ही बीजेपी ने आगामी चुनाव में बढ़त का दावा किया है.

