बिहार यात्रा से पहले आरजेडी में सियासी सरगर्मी, तेजस्वी–तेजप्रताप के बीच वर्चस्व की लड़ाई?
लालू परिवार में बिहार यात्रा को लेकर ठनी हुई है. तेजप्रताप की घोषणा के बाद तेजस्वी यादव भी यात्रा पर निकलने वाले हैं-

Published : February 26, 2026 at 6:59 PM IST
पटना : लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे राजनीतिक वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं. विधानसभा चुनाव में शिकस्त मिलने के बाद तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव ने राजनीतिक जमीन को मजबूत करने के लिए यात्रा पर निकलने की तैयारी शुरू कर दी है. खास बात यह है कि तेजप्रताप के ऐलान के बाद तेजस्वी ने बिहार यात्रा का ऐलान किया है.
लालू के 'तेज' के बीच वर्चस्व की लड़ाई : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. तेजस्वी राज्यव्यापी यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं. राष्ट्रीय जनता दल संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति को धार देने में जुटा है. कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं और यात्रा शुरू करने की तैयारी में है. इससे पहले तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेजप्रताप यादव ने भी बिहार यात्रा का ऐलान किया हुआ है. तेजप्रताप यादव 'जनशक्ति जनता दल' को मजबूत करने के लिए बिहार का दौरा करेंगे.
होली के बाद बिहार यात्रा पर निकलेंगे तेजस्वी : हालांकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद 2 महीने तक पर्दे से गायब थे. इस दौरान तेजस्वी यादव ने विदेश यात्रा भी की. अब जबकि बिहार में एनडीए सरकार के बने 100 दिन बीत चुके हैं तब तेजस्वी यादव सरकार को बेनकाब करने के लिए बिहार यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं. होली के बाद तेजस्वी अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे.
तेजस्वी यादव लेंगे सरकार से हिसाब : तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को 100 दिन का समय दिया था और अब 100 दिन पूरे होने के बाद तेजस्वी यादव सरकार से यह हिसाब लेंगे कि चुनाव के दौरान जो वायदे किए गए थे वह कितने पूरे हुए. उधर तेजप्रताप भी यात्रा निकालकर खुद का असली राजनीतिक वारिस साबित करना है.

''नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि हम 100 दिन तक कुछ नहीं बोलेंगे और सरकार से हिसाब लेने का काम करेंगे. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लोगों ने जनता को बहला फुसलाकर वोट ले लिया. चुनाव के दौरान जो वादे किए गए उसे धरातल पर लाने में सरकार नाकामयाब साबित हुई है. नेता प्रतिपक्ष जनता के बीच जाएंगे और सरकार को बेनकाब करेंगे. जहां तक सवाल तेजप्रताप यादव का है तो वह उनका मसाला है और इस पर हमें कुछ नहीं कहना है.''- एजाज अहमद, प्रवक्ता, राष्ट्रीय जनता दल
लालू के उत्तराधिकारी बनने की होड़ : तेजप्रताप यादव ने भी जनशक्ति जनता दल को मजबूत करने का बीड़ा उठाया है. तेजप्रताप यादव पूरे बिहार की यात्रा पर निकलने की तैयारी कर चुके हैं. तेजप्रताप यादव जनता के बीच जाएंगे और अपनी वाकपटुता से लोगों को जोड़ने की कोशिश करेंगे. वो खुद को लालू प्रसाद यादव का उत्तराधिकारी साबित करने की कोशिश करेंगे.

संगठन बनाम व्यक्तिगत पहचान की लड़ाई : तेजस्वी यादव लंबे समय से पार्टी का प्रमुख चेहरा बनकर बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सरकार को घेरते रहे हैं तो तेजप्रताप यादव अपनी अलग शैली और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए युवाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक मंचों पर सक्रियता दिखाते रहे हैं.
गांव-गांव जाएंगे तेजप्रताप यादव : तेज प्रताप यादव होली के बाद यात्रा पर निकलने की बात कह चुके हैं. योजना के मुताबिक तेजप्रताप यादव गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और अपनी नई पार्टी के संगठन को मजबूत करेंगे. उन्होंने पटना में अपनी पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके इस यात्रा की रूपरेखा तैयार कर ली है.
तेजप्रताप के यात्रा की घोषणा से तेजस्वी को मुश्किल : राजनीतिक विश्लेषक कौशलेंद्र प्रियदर्शी का मानना है कि तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव दोनों ही पिता के राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का दावा कर रहे हैं. तेजप्रताप यादव ने बिहार यात्रा का ऐलान कर तेजस्वी को मुश्किल में डाल दिया और अंतत उन्हें भी यात्रा का ऐलान करना पड़ा.
''तेजस्वी यादव के लिए तेजप्रताप यादव बड़ी चुनौती हैं. विधानसभा चुनाव के बाद से ऐसा प्रतीत होता है कि कई मौकों पर तेजस्वी यादव ने तेजप्रताप यादव को स्पेस दिया, जिसका वह इस्तेमाल कर रहे हैं. आने वाले समय में तेजस्वी यादव को कई चुनौतियों से जूझना पड़ेगा.''- कौशलेन्द्र प्रियदर्शी, राजनीतिक विश्लेषक
ये भी पढ़ें-

