लखनऊ यूनिवर्सिटी: गंगाजल, हनुमान चालीसा,नमाज़ और लाल बारादरी का गहराता विवाद
लखनऊ विश्वविद्यालय का दूसरा छात्र गुट सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बारादरी को बंद रखने की मांग पर अड़ा रहा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 8:56 AM IST
|Updated : February 25, 2026 at 1:42 PM IST
लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय में स्थित संरक्षित इमारत लाल बारादरी को लेकर विवाद लगातार तीसरे दिन भी तूल पकड़ता रहा. मंगलवार को छात्रों के एक समूह ने लाल बारादरी के सामने स्थित गांधी मैदान में सुन्दर कांड का पाठ शुरू कर दिया. वहीं, दूसरा छात्र गुट सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बारादरी को बंद रखने की मांग पर अड़ा रहा.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाल बारादरी को सुरक्षा कारणों और चल रहे फेंसिंग कार्य के चलते अस्थायी रूप से बंद किया गया है. प्रशासन का कहना है कि इमारत जर्जर अवस्था में है और हाल ही में इसका एक हिस्सा गिर भी चुका है. इसलिए किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए इसे बंद करना आवश्यक है.
गंगाजल लेकर पहुंचे छात्र: मंगलवार सुबह कुछ छात्र गंगा जल लेकर लाल बारादरी के पास पहुंचे. उनका कहना था कि वे गंगाजल छिड़ककर इमारत का शुद्धीकरण करेंगे. इसी दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी शुरू किया गया. स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया. पुलिस ने छात्रों को वहां से हटाया और कुछ छात्रों को बस में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया. परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
नमाज और इफ्तार के बाद बढ़ा विवाद: पिछले दिनों लाल बारादरी परिसर में स्थित एक मस्जिद को बंद किए जाने के बाद कुछ छात्रों ने बाहर नमाज अदा की और सड़क पर इफ्तार किया था. उस दौरान हिंदू छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर उनकी सुरक्षा की थी, जिससे परिसर में सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश भी गया था.


