LJPR विधायक अमित कुमार रानू के आवास पर छापा, जमीन कब्जा मामले में संलिप्तता के बाद एक्शन
चिराग पासवान की पार्टी के विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर आवास पर पुलिस ने छापा मारा है. रिपोर्ट- विवेक कुमार

Published : August 23, 2026 at 2:27 PM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में जमीन विवाद के मामले में सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा (रामविलास) विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर रविवार सुबह पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस ने कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद यह कार्रवाई की.
विधायक के आवास से कई दस्तावेज बरामद: एलजेपीआर विधायक के आवास की तलाशी के दौरान अलग-अलग पार्टनरशिप एग्रीमेंट, बैंक खातों से जुड़े कागजात, वाहनों के दस्तावेज और वर्ष 2017 के ब्लैंक स्टांप पेपर बरामद किए गए हैं. इन सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है. ब्लैंक स्टांप पेपर मिलने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
क्या बोले एसएसी?: मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अहियापुर थाना क्षेत्र के उगनडीह में 20 अगस्त को जमीन की बाउंड्री तोड़े जाने की शिकायत मिली थी. इस मामले में अब तक 13 अलग-अलग केस दर्ज किए जा चुके हैं. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

विधायक के भाई की भूमिका: जांच के दौरान विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका सामने आने का पुलिस ने दावा किया है. पुलिस के मुताबिक, सोनू सिंह कुछ युवकों के साथ मौके पर पहुंचे थे और बाउंड्री तोड़ने में शामिल थे. घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है.
विधायक की भी संलिप्तता: एसएसपी ने दावा किया है कि जांच के दौरान विधायक अमित कुमार रानू की भी कथित संलिप्तता से जुड़े साक्ष्य मिले हैं. पुलिस जमीन कब्जे से जुड़े कथित संगठित नेटवर्क और 'प्रोटेक्शन गैंग' के एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है.

"जांच को जब आगे बढ़ाया गया तो उसमें बेलसंड के माननीय विधायक की भी संलिप्तता पाई जा रही है. उनके खिलाफ भी हमारे पास साक्ष्य उपलब्ध है. आज उनके अहियापुर स्थित आवास पर छापेमारी की गई है. कई अहम दस्तावेज मिले हैं. भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी."- कांतेश कुमार मिश्रा, एसएसपी, मुजफ्फरपुर
गिरफ्तारी के लिए छापेमारी: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) विधायक के भाई सोनू सिंह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. वहीं, इस मामले में आर्थिक गतिविधियों की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू को भी पत्र भेजने की तैयारी है.
हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों पर विधायक अमित कुमार रानू की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पुलिस जांच के बाद ही मामले में आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी.
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