मुठभेड़ में मारे गए, गिरफ्तार और सरेंडर कर चुके नक्सलियों के नाम फरारी सूची में! थाना प्रभारियों के कार्यों की होगी समीक्षा
पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल की जांच में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. नीरज कुमार की रिपोर्ट.

Published : August 26, 2026 at 6:22 PM IST
पलामूः पलामू, गढ़वा और लातेहार में मुठभेड़ में मारे गए, पकड़े गए या सरेंडर कर चुके नक्सलियों का नाम पुलिस की फरारी सूची में अब भी दर्ज हैं. पुलिस के वरीय अधिकारियों की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. विभिन्न मुकदमों में ऐसे नक्सलियों को फरार दिखाया गया है. साथ ही ऐसे कई अपराधियों के नाम भी फरारी सूची में हैं, जो जेल के अंदर हैं.
दरअसल, पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल ने पिछले दिनों बरवाडीह थाना का निरीक्षण किया था. इस दौरान नक्सल अपराध के जुड़े मुकदमों में यह देखा गया था कि मारे गए नक्सलियों के नाम फरारी सूची में अब भी दर्ज हैं. जिसके बाद डीआईजी ने पलामू, गढ़वा और लातेहार में फरारी सूची को लेकर समीक्षा शुरू की है. फरारी सूची को लेकर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी तैयारी है.
सभी थाना प्रभारी के कार्यों की समीक्षा शुरू
पलामू, गढ़वा और लातेहार में फरार नक्सलियों और अपराधियों की सूची को लेकर सभी थाना प्रभारी के कार्यों की समीक्षा शुरू हो गई है. वैसे थाना प्रभारी जो लंबे समय से थानों में तैनात हैं, उनके कार्यकाल में कितने फरार नक्सली और अपराधी पकड़े गए हैं, कितने नक्सली या अपराधी मारे गए हैं या सरेंडर किए हैं और फरारी सूची में क्या अपडेट किया गया है, उनसे जुड़े मुकदमों की क्या स्थिति है? इन तमाम बिंदुओं पर समीक्षा की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
“जांच के दौरान देखा गया है कई नाम फरारी सूची में शामिल हैं जो पकड़े गए हैं, सरेंडर कर चुके हैं या मुठभेड़ में मारे गए हैं. सूची को लेकर तीनों जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं. फरार अपराधियों और नक्सलियों के मामले में सभी थाना प्रभारी के कार्यों की समीक्षा होगी. थाना प्रभारियों ने अपने कार्यकाल में कितने फरारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. वर्षों से फरार अपराधियों और आरोपियों को लेकर भी टास्क दिया गया है.” - किशोर कौशल, डीआईजी, पलामू
वर्षों से गायब नक्सलियों और अपराधियों की होगी तलाश
पलामू, गढ़वा और लातेहार के इलाके में वर्षों से गायब नक्सलियों और अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस अधिकारियों को टास्क दिया गया है. वैसे मुकदमे जो 8-10 साल पुराने हैं और उनके आरोपी फरार हैं, उनके खिलाफ एक बड़ा सर्च अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया है. मुकदमों में फरार अपराधियों और नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए सभी थाना क्षेत्र में अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. पुलिस उन्हें भी तलाश करेगी जो अपना घर-बार छोड़कर दूसरे जगह चले गए हैं. इस तरह से जुड़े मुकदमों की सूची भी पुलिस तैयार कर रही है.
कभी थे 53 से अधिक इनामी नक्सली, फिलहाल बचे हैं सात
पलामू रेंज में 2015-16 तक 53 इनामी नक्सली कमांडर हुआ करते थे. 2019 तक इनकी संख्या घटकर 18 रह गई थी. 2026 में इनकी संख्या घटकर सात रह गई है. 2015-16 के बाद पलामू रेंज में चरणबद्ध तरीके से नक्सलियों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया था. इन अभियानों में बड़ी संख्या में नक्सली पकड़े गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है. 2015 के बाद से पलामू, गढ़वा और लातेहार के इलाकों में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में 31 से अधिक नक्सली मारे गए हैं.
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