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नोएडा में 'फर्जी फ्रेंडशिप क्लब' के नाम पर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लोगों को दोस्ती का झांसा देकर लूटपाट करने वाले गिरोह का सेक्टर-24 थाना पुलिस ने किया पर्दाफाश

नोएडा पुलिस की कार्रवाई
नोएडा पुलिस की कार्रवाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : July 4, 2026 at 7:40 PM IST

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Updated : July 4, 2026 at 8:14 PM IST

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नई दिल्ली/नोएडा: ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लोगों को दोस्ती का झांसा देकर सुनसान जगहों पर ले जाकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गैंग का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है. थाना सेक्टर-24 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और एक अवैध चाकू बरामद किया है.

एडिशनल डीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शनिवार को सेक्टर-54 स्थित खेलगांव पार्क के पास घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजाबाद निवासी ओमवीर यादव, मैनपुरी निवासी मंजेश यादव, औरैया निवासी निधि यादव, फिरोजाबाद निवासी प्रियंका यादव तथा मैनपुरी निवासी काजल उर्फ रिया यादव के रूप में हुई है.

फर्जी फ्रेंडशिप क्लब का पर्दाफाश (ETV Bharat)

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एक फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब बना रखा था. ऑनलाइन माध्यमों से लोगों के मोबाइल नंबर हासिल कर उनसे दोस्ती की जाती थी. भरोसा जीतने के बाद ग्राहक को मिलने के लिए दिल्ली, नोएडा या एनसीआर के सुनसान स्थानों पर बुलाया जाता था. गिरोह के सदस्य दो कारों में मौके पर पहुंचते थे. पहली कार में महिला और दो-तीन साथी रहते थे, जबकि दूसरी कार कुछ दूरी पर खड़ी रहती थी. महिला ग्राहक को अपनी कार में बैठाकर बातचीत के बहाने सुनसान स्थान पर ले जाती थी. इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य वहां पहुंचकर मारपीट और धमकी देकर नकदी, मोबाइल, गाड़ी और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे.

पूछताछ में ओमवीर यादव ने खुलासा किया कि 30 जून की रात गिरोह ने सेक्टर-54 स्थित एक पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति को निशाना बनाया था. पहले उसकी फॉर्च्यूनर कार में बैठकर उससे दोस्ती का नाटक किया गया. फिर मारपीट कर मोबाइल का लॉक खुलवाया और यूपीआई के जरिए उसके खाते से करीब 1.80 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए. इसके बाद पीड़ित का पर्स, कार की चाबी और फॉर्च्यूनर लेकर फरार हो गए.

दो कारों में चलता था ऑपरेशन

वारदात के समय स्विफ्ट कार में ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव और अन्य साथी मौजूद थे, जबकि ऑरा कार में जीतू यादव, ऋषु यादव, प्रियंका यादव, काजल उर्फ रिया यादव और अन्य सदस्य कुछ दूरी पर खड़े रहकर निगरानी करते थे. वारदात पूरी होते ही दोनों कारें अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाती थीं, जिससे पुलिस को उनकी गतिविधियों का पता न चल सके. आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने पूर्व में भी शहर में कोई वारदात की है या नहीं.

कई धाराओं में दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं. पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है. पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी करने का दावा कर रही है. आशंका है कि इस प्रकार की वारदात से प्राप्त नकदी से ही घटना में इस्तेमाल होने वाली दोनों कारें खरीदी गई होंगी. आरोपियों की उम्र 19 से 27 साल के बीच है.

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Last Updated : July 4, 2026 at 8:14 PM IST