ETV Bharat / state

लखनऊ में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और आईडी कार्ड बनाकर करते थे धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार

आरोपी विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से करते थे ठगी.

दो गिरफ्तार
दो गिरफ्तार (Photo Credit; ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 3, 2026 at 1:57 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ: यूपीएसटीएफ ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने करने वाले एक गैंग के खिलाफ एसटीएफ कार्रवाई की है. एसटीएफ ने गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार दोनों आरोपी विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से ठगी करते थे. युवाओं को झांसा देने के लिए यह लोगों को फर्जी जॉइनिंग लेटर और नकली पहचान पत्र देकर विश्वास में लेते थे. गिरफ्तार आरोपियों के नाम की असरफ अली निवासी थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद और विवेक निवासी थाना बिलारी, जनपद मुरादाबाद हैं. दोनों आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और 1740 रुपये नकद बरामद हुए हैं.

एसटीएफ के अधिकारियों अनुसार लंबे समय से इस गिरोह के मास्टरमाइड और उसके साथियों की तलाश की जा रही थी. इसी दौरान सूचना मिली कि असरफ अली अपने साथियों के साथ मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र में मौजूद है. मिली सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ ज्वाइंट कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद दो जुलाई की रात करीब 2:25 बजे नूरी चौराहा के पास दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को शिकार बनाते थे. युवाओं को भारतीय रेलवे, भारतीय सेना, भारतीय डाक विभाग, वन विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली पावर कॉरपोरेशन समेत कई सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का लालच दिया जाता था, जिसके बाद ठगी की जाती थी.

ठगी करते हुए ये लोग अभ्यर्थी से 8 से 10 लाख रुपये तक ठगते थे. पैसे लेने के बाद दिल्ली से फर्जी जॉइनिंग लेटर तैयार कर ई-मेल से भेजते थे. इसके बाद युवाओं को दिल्ली बुलाया जाता था. जहां उन्हें संबंधित सरकारी कार्यालयों के आसपास घुमाकर यह भरोसा दिलाया जाता था कि उनकी नौकरी लग गई है. गिरोह के सदस्य युवाओं को होटल में ठहराते थे, फिर उन्हें नकली आईडी कार्ड सौंपते देते थे. इतना ही नहीं, उन्हें एक सप्ताह की ट्रेनिंग भी कराई जाती थी. बाद में यह कहकर वापस भेज दिया जाता था कि जल्द ही ड्यूटी पर बुलाया जाएगा.

एसटीएफ की पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह गिरोह पिछले दो वर्षों से ये ठगी का काम करते सक्रिय था. अब तक ये करीब 20 से 25 युवाओं को अपना शिकार बना चुके है. इनके द्वारा करोड़ों की ठगी की गई है. इस मामले में थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. एसटीएफ इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

यह भी पढ़ें: लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गैंग का भंडाफोड़; फर्जी कॉल सेंटर पर छापा, 100 से ज्यादा लोग हिरासत में