पाकिस्तान कनेक्शन के साथ साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़! बेतिया में तीन शातिर गिरफ्तार
पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना में पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया. तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया. पढ़ें-

Published : February 24, 2026 at 9:57 AM IST
बेतिया: बिहार के बेतिया जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में एक सक्रिय ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ, जिसमें तीन शातिर साइबर अपराधियों को दबोचा गया. यह कार्रवाई जौकटिया गांव में हुई, जहां से शुरूआत में दो आरोपियों को पकड़ा गया और बाद में तीसरे को भी गिरफ्तार किया गया. प्रारंभिक जांच में गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं, जिससे जांच एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.
कई सामान बरामद और विदेशी संपर्क: गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, एक बैंक पासबुक और कुल सात मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. जब्त मोबाइल फोनों की तकनीकी जांच में विदेशी नंबरों से लगातार संपर्क के साक्ष्य मिले. शुरुआती जांच में इन नंबरों के पाकिस्तान से जुड़े होने के प्रमाण सामने आए हैं. ठगों द्वारा बैंक खाते मात्र 6000 रुपये में खरीदे जाने और पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर ठगी करने का खुलासा हुआ है, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है.
पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज: पुलिस अब इस एंगल पर गहन जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का हिस्सा है. जौकटिया गांव को बिहार का 'जामताड़ा' कहा जाता है, जहां वर्षों से साइबर अपराधी सक्रिय हैं. पाकिस्तान से जुड़े कनेक्शन के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. जांच में अन्य संदिग्धों और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने का प्रयास जारी है.
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा: तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी बढ़ा दी गई है. इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की मुस्तैदी साफ दिखाई दे रही है.
गुप्त सूचना पर त्वरित छापेमारी: मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार के अनुसार, इलाके में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की विश्वसनीय सूचना मिली थी. सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने तुरंत जौकटिया गांव में छापा मारा. यहां से मिथिलेश कुमार और मुकेश कुमार नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में दोनों ने महत्वपूर्ण सुराग दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने बैठाणिया गांव में दूसरी छापेमारी की और मोहित कुमार उर्फ आलोक कुमार को भी हिरासत में ले लिया.
"इलाके में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी. सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जौकटिया गांव में छापा मारा, जहां से मिथिलेश कुमार और मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया. दूसरी छापेमारी में मोहित कुमार उर्फ आलोक कुमार को भी दबोच लिया गया."-अमर कुमार, मझौलिया थानाध्यक्ष

साइबर अपराध का हॉटस्पॉट: मझौलिया थाना के जौकटिया गांव को बिहार में साइबर अपराध का प्रमुख केंद्र माना जाता है. झारखंड के जामताड़ा के बाद यह गांव सबसे चर्चित है, जहां युवा आसानी से इस अपराध में शामिल हो रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में यहां से दर्जनों मामले सामने आए हैं, जिसमें बैंक खाते किराए पर देने, फर्जी ट्रांजेक्शन और अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स से संपर्क शामिल हैं.
डिजिटल ठगी के खिलाफ कड़ा संदेश: यह कार्रवाई न केवल गिरोह के लिए झटका है, बल्कि पूरे क्षेत्र के साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी है. पुलिस का कहना है कि अब डिजिटल ठगी के खिलाफ पूरी मुस्तैदी से कार्रवाई की जा रही है. आम जनता को भी सतर्क रहने और संदिग्ध कॉल या मैसेज पर ध्यान न देने की सलाह दी जा रही है.
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