फर्जी प्रमाणपत्रों से लोन मामले में कांग्रेस नेता समेत 3 गिरफ्तार, षड्यंत्र में शामिल मिला शिकायतकर्ता
अल्मोड़ा पुलिस ने फर्जी प्रमाणपत्रों से लोन मामले में आरोपियों को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 21, 2026 at 11:00 AM IST
अल्मोड़ा: फर्जी लोन घोटाले मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. फर्जी प्रमाणपत्रों से लोन लेने के इस मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोप था कि बैंक से ऋण लेने के लिए इन्होंने फर्जी दस्तावेज, कोटेशन व प्रमाणपत्र लगाए. मामले की शिकायत करने वाला शिकायतकर्ता कांग्रेस सेवा दल का जिलाध्यक्ष पुलिस को जांच में स्वयं भी पूरे षड्यंत्र में शामिल मिला. वहीं तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
षड्यंत्र में शामिल मिला शिकायतकर्ता: गौर हो कि अल्मोड़ा जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां फर्जी लोन घोटाले में पुलिस ने अहम गिरफ्तारियां की हैं. इस पूरे मामले में शिकायत करने वाला व्यक्ति ही षड्यंत्र में शामिल मिला. बताते चलें कि सोमेश्वर निवासी कांग्रेस सेवा दल जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह नेगी ने 19 सितंबर 2025 को कोतवाली अल्मोड़ा में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ग्राम बग्वाली पोखर निवासी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील सिंह कठायत और लोअर माल रोड अल्मोड़ा निवासी ग्राम प्रधान संगठन का पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी ने उसकी फर्म जय गोलू ट्रेडर्स के नाम का दुरुपयोग कर एक बैंक शाखा अल्मोड़ा से फर्जी तरीके से पांच लाख का ऋण लिया है.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार: इसमें फर्म के नाम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा का फर्जी प्रमाण पत्र लगाया है और फर्म के नाम से फर्जी कोटेशन बिल और प्रमाण पत्र भी बैंक में जमा किए हैं. नामजद तहरीर पर कोतवाली अल्मोड़ा में मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने मामले की हर बिंदु से जांच शुरू की तो विवेचक एस आई आनंद बल्लभ ने जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता दिनेश नेगी स्वयं भी इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल था. पुलिस टीम ने 19 मई 2026 को दिनेश नेगी, धीरेन्द्र सिंह गैलाकोटी और सुनील सिंह करायत को अल्मोड़ा से गिरफ्तार किया. पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया. एसएसपी अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोड़के ने बताया कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
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