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बदायूं में नौकरी के नाम पर ठगी गिरोह का भंडाफोड़; छोटे कमरे से चला रहे थे रैकेट, 5 गिरफ्तार

एसपी सिटी बिजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि 30 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की थी.

बदायूं में नौकरी के नाम पर ठगी गिरोह का भंडाफोड़.
बदायूं में नौकरी के नाम पर ठगी गिरोह का भंडाफोड़. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 9:29 AM IST

3 Min Read
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बदायूं: पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गैंग एक छोटे से कमरे से चलाया जा रहा था. कॉल सेंटर के जरिए यह लोग यूपी, बिहार, राजस्थान सहित कई राज्यों के लोगों को नौकरी का झांसा देते थे. रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे पैसे ट्रांसफर कराकर साइबर ठगी करते थे. पुलिस ने 4 युवतियों और 1 युवक को गिरफ्तार किया है.

बदायूं के एसपी सिटी बिजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में मास्टरमाइंड विवेक पुत्र सुरेश सिंह निवासी ग्राम गोविंद नगला, थाना मूसाझाग बदायूं (वर्चुअल नाम राजीव), आकांक्षा पटेल पुत्री जितेंद्र सिंह निवासी ग्राम बरातेगदार, थाना सिविल लाइन, बदायूं (वर्चुअल नाम रिया शर्मा) हैं.

इनके अलावा अंशू पटेल पुत्री दीपक सिंह निवासी ग्राम लखनपुर, थाना सिविल लाइन, बदायूं (वर्चुअल नाम रिया शर्मा), ईशा साहू पुत्री प्रेम शंकर निवासी मो. नगर पंचायत गुलडिया वार्ड नं. 9, बदायूं (वर्चुअल नाम नाव्या और कृतिका शर्मा), मीनाक्षी पुत्री राजकुमार सिंह निवासी ग्राम बरामयखेड़ा, थाना उझानी, बदायूं (वर्चुअल नाम निधि शर्मा) शामिल हैं.

नाम बदलकर करते थे ठगी: एसपी सिटी ने बताया कि यह जालसाज लोगों से बात करते समय अपने असली नाम का उपयोग नहीं करते थे. फर्जी नामों का इस्तेमाल करते थे. इस मामले में दो साइबर ठग अभी भी फरार हैं. इनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं.

इनके पास से 01 लैपटॉप, 01 प्रिंटर, 01 माउस, 01 लैपटॉप चार्जर, 07 स्मार्टफोन, 04 मोबाइल कीपैड, 07 मोबाईल चार्जर, 23 सिम कार्ड, एक HDFC BANK का स्टांप मोहर, एक हाजिरी रजिस्टर, 04 कॉपी, एक किरायनामा की फोटोकापी बरामद की गई है.

ठगों का कबूलनामा: गिरफ्तार अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि हम लोग वर्क इंडिया (WORK INDIA) वेबसाइट पर लोगों को झांसा देते थे. अलग-अलग राज्यों जैसे नवादा बिहार, पटना बिहार, नागपुर महाराष्ट्र, जयपुर राजस्थान, इंदौर मध्य प्रदेश, भोपाल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के भोले भाले लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्टर कराते हुए नौकरी का झांसा देकर उनसे रुपए ट्रांसफर कराकर साइबर ठगी करते हैं.

कैसे पकड़ा गया पूरा रैकेट: एसपी सिटी बिजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि 30 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की थी. इस दौरान उन्हें ठगी की 5 शिकायतें मिलीं. इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी रजत यादव ने मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया.

इसकी लोकेशन बदायूं के सदर कोतवाली क्षेत्र के नई सराय में पाई गई. लोकेशन पर एक गली में बने मकान का दरवाजा खुलवाने पर पुलिस ने एक छोटे कमरे में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होते पाया.

वहां पर तीन युवतियां और एक युवक काम कर रहे थे. युवक लैपटॉप पर जबकि युवतियां मोबाइल से लोगों से बात कर रही थीं. पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चारों को हिरासत में लिया. उनकी निशानदेही पर एक अन्य युवती को भी गिरफ्तार किया गया. कुल 5 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.

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