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बच्चा चोर की अफवाह से भड़की भीड़, दो निर्दोष लोगों की पिटाई

धनबाद में बच्चा चोर की अफवाह में पिटाई का मामला सामने आया है.

Police action taken case of beating by people due to rumours of child lifter in Dhanbad
पुलिस के शिकंजे में आरोपी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 24, 2026 at 8:44 PM IST

3 Min Read
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धनबादः जिला के राजगंज थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह के आधार पर दो निर्दोष लोगों की बेरहमी से पिटाई हुई है. भीड़ के उन्माद में हुई इस हिंसक घटना ने एक बार फिर अफवाहों के खतरनाक असर को उजागर कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. ये तमाम जानकारी पुलिस के द्वारा प्रेस रिलीज जारी कर दी गयी है.

जानकारी के अनुसार, डब्लू महतो और दीपक महतो अपने एक रिश्तेदार के घर राजगंज क्षेत्र में आए हुए थे. इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें बच्चा चोर होने के शक में पकड़ लिया. देखते ही देखते इलाके में अफवाह फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए. बिना किसी पुष्टि या जांच के भीड़ ने दोनों को घेर लिया और लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीड़ित लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी. स्थिति लगातार बेकाबू होती जा रही थी। सूचना मिलते ही राजगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया. पुलिस ने भीड़ को खदेड़ते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भेजा.

इस मामले में राजगंज थाना में कांड संख्या-11/26, दिनांक-24/02/26 दर्ज किया गया है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 127(1), 127(2), 115(2), 109(1), 352 एवं 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई. जांच के दौरान मारपीट में शामिल तीन आरोपियों—विनय मिष्टी, आकाश तुरी और सोनू तुरी—की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

एसएसपी प्रभात कुमार ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चा चोरी जैसी अफवाहों के आधार पर किसी भी व्यक्ति पर हमला करना गंभीर अपराध है. उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है, फिर भी यदि कोई कानून हाथ में लेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में स्वयं निर्णय लेने के बजाय तुरंत डायल 112 पर सूचना दें. कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, भीड़ की नहीं.

इस घटना ने साफ कर दिया है कि अफवाहें समाज के लिए कितनी घातक हो सकती हैं. पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई लेकिन यह मामला लोगों के लिए चेतावनी है कि बिना सत्यापन के किसी पर हमला करना न केवल अमानवीय है बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है.

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