सड़क दुर्घटनाओं में मिलेगा डेढ़ लाख तक का मुफ्त इलाज, पीएम राहत योजना से मिलेगी सुविधा
एक्सीडेंट के बाद गोल्डन ऑवर में घायल मरीज का उपचार करवाएगी केन्द्र सरकार. पीएम राहत योजना में जबलपुर के 92 अस्पताल शामिल.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 3, 2026 at 10:55 AM IST
जबलपुर: सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब सरकारी और निजी अस्पतालों में तुरंत और मुफ्त इलाज मिलेगा. एक्सीडेंट के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचने पर शुरुआती डेढ़ लाख का खर्चा सरकार वहन करेगी. यह खर्च प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दिया जाएगा. इलाज सरकार के द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में ही होगा. जबलपुर में 92 अस्पतालों को इम्पैनल किया गया.
मरीज की जान बचाना पहली प्राथमिकता
एक्सीडेंट होने के बाद शुरुआती समय किसी भी मरीज को बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है. यदि एक्सीडेंट के तुरंत बाद इलाज शुरू हो जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है. लेकिन ऐसा नहीं हो पता क्योंकि निजी अस्पताल इस बात से डरते हैं कि यदि उन्होंने इलाज शुरू कर दिया तो इसका बिल कौन देगा. कई बार मरीज की कोई जानकारी नहीं होती तो वहीं दूसरी समस्या पुलिस की ओर से होती है कि जब तक पुलिस जांच ना कर ले तब तक इलाज शुरू नहीं हो पाता. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
एक्सीडेंट में घायल व्यक्तियों के लिए पीएम राहत योजना
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि "इन्हीं समस्याओं को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पीएम राहत योजना शुरू की गई है. इसके तहत एक्सीडेंट के तुरंत बाद जब एंबुलेंस से कोई मरीज किसी अस्पताल पहुंचेगा तो इसी शुरुआती गोल्डन ऑवर में अस्पताल को मरीज को इलाज देना होगा. एक्सीडेंट के मामले में शुरुआती डेढ़ लाख का खर्चा सरकार उठाएगी. यह इलाज कैशलेस होगा."
जबलपुर के 92 अस्पताल शामिल
इस योजना में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को भी शामिल किया गया है. जबलपुर में ऐसे 92 अस्पतालों को इम्पैनल किया गया है, जहां एक्सीडेंट के तुरंत बाद घायल का इलाज शुरू हो जाएगा. इसमें किसी को भी इस बात की चिंता नहीं करनी होगी कि इसका पैसा कौन देगा. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि "भले ही घायल आयुष्मान कार्ड धारी है या नहीं है, इसका भी इस योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यह पैसा पीएम राहत के माध्यम से भुगतान करवाया जाएगा."
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि "यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी ताकि पुलिस को भी इस मामले की जानकारी हो और यदि पुलिस को कोई कार्रवाई करनी है तो वह भी साथ में होती रहे लेकिन किसी भी स्थिति में घायल का इलाज नहीं रुकेगा."
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि "रोड एक्सीडेंट के मामले में वाहनों का इंश्योरेंस होता है और शासन जो पैसा खर्च करेगा वह पैसा इंश्योरेंस के माध्यम से वसूला जाएगा. वहीं कुछ ऐसे वाहन जिनका बीमा नहीं होता है और यदि वे एक्सीडेंट करते हैं तो इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी लेकिन इसकी वसूली का काम शासन का होगा."
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घायलों के लिए अच्छा कदम
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि "यह बहुत ही अच्छा कदम है आम आदमी को यदि इसकी जानकारी होगी तो बहुत सारे घायलों को बचाया जा सकता है. क्योंकि एक्सीडेंट के मामले में अक्सर लोग मरीजों की मदद करने में डरते हैं कई बार पुलिस परेशान करती है तो कई बार लोगों के पास मदद करने लायक पैसा नहीं होता यदि यह दोनों ही सहूलियत हो जाए तो सड़क पर मरने वालों की संख्या घट सकती है."

