कोटा के पूनियां देवरी सरकारी स्कूल में पोषाहार खाने से बिगड़ी 27 बच्चों की तबीयत, अन्नपूर्णा रसोई से हुआ था सप्लाई
रानपुर एरिया के पूनियां देवरी में सरकारी स्कूल में बच्चों की पोषाहार खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया.

Published : August 24, 2026 at 4:59 PM IST
कोटा: शहर से सटे रानपुर एरिया के पूनियां देवरी में सरकारी स्कूल में बच्चों की पोषाहार खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया. यह पोषाहार भी अन्नपूर्णा रसोई के जरिए ही स्कूल तक पहुंचाया गया था. बच्चों ने लंच में इसे खाया और थोड़ी देर बाद ही उन्हें उल्टी की शिकायत हो गई थी. ऐसे में एक के बाद एक 27 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. इनमें से पांच बच्चों को मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
जबकि शेष बच्चों को रानपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया है, जहां पर उन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर भेजा गया है. इस घटना की सूचना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया. दूसरी तरफ से शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी स्कूल में पहुंचे हैं और मामले की जांच कर रहे हैं. पुलिस के अधिकारी भी बच्चों की जानकारी लेकर आए हैं. मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी पहुंच गए हैं. उन्होंने भोजन के नमूने लिए हैं.
रानपुर थाना अधिकारी रमेश कविया ने बताया कि अचानक उन्हें सूचना मिली थी कि स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद वह भी स्कूल में गए थे और वहां टीचर से जानकारी ली है. बच्चों को मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल भी भेजा गया है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी उपचार करवाया गया है, यह 27 बच्चे हैं. पूनियां देवरी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल चंद्र प्रकाश मीणा का कहना है कि केबल नगर अन्नपूर्णा रसोई से सात-आठ स्कूलों में पोषाहार सप्लाई होता है.
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ऐसे में उनके स्कूल में भी पोषाहार सप्लाई हुआ था. इसमें कद्दू की सब्जी, दाल और चपाती आई थी. बच्चों ने यह सेवन 11:00 बजे के आसपास किया था. करीब 12:00 बजे के बाद उनकी तबीयत खराब होना शुरू हुई. बच्चे स्कूल में छुट्टी के बाद घर भी चले गए थे, लेकिन कुछ बच्चे वापस आए और शिकायत करने लगे. एक ही बस्ती के कुछ बच्चों के पेरेंट्स भी स्कूल आ गए थे.
इन बच्चों की उम्र 7 से लेकर 12 साल के बीच है. हमने तत्काल इन बच्चों को अस्पताल लेकर गए. फिलहाल, सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उनका इलाज भी अस्पताल में चल रहा है और अधिकांश बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है. किसी भी बच्चे की कंडीशन सीरियस नहीं है. मौके पर पहुंचे फूड इंस्पेक्टर चंद्रवीर सिंह जादौन का कहना है कि उन्होंने कार्रवाई शुरू की है. मौके से नमूने भी लिए गए हैं.

शिक्षा मंत्री ने जाना बच्चों का हाल : शिक्षा पंचायत राज्य मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र का ही यह मामला था. दूसरी तरफ सोमवार को वे कोटा जिले के ही दौरे पर थे. इसीलिए सूचना मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल पहुंचे, जहां पर बच्चों से मुलाकात की और उनके हाल-चाल जाना. साथ ही, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा को दिशा निर्देश दिए कि बच्चों का उचित इलाज हो.
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मदन दिलावर का कहना है कि सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और केवल निगरानी के लिए ही अस्पताल में रखा हुआ है. मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं. दूसरी तरफ फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर चंद्रवीर सिंह जादौन का कहना है कि स्कूल में कद्दू की सब्जी और दाल को मिला दिया था. ऐसे में दो नमूने लिए गए हैं. इनमें एक सब्जी और दूसरा चपाती का है. एफएसओ जादौन का कहना है कि जिस रसोई से खाना स्कूलों में सप्लाई हुआ था, वहां दूसरी जगह किसी तरह की कोई समस्या नहीं आई है.

