Explainer : सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए U-WIN ऐप से होगा टीकाकरण, जानिए कितनी गंभीर है ये बीमारी
लड़कियों को इस वैक्सीन से सुरक्षा मिल जाती है तो यह वायरस शरीर में अपनी जड़ें नहीं जमा पाता.

Published : February 28, 2026 at 10:42 AM IST
|Updated : February 28, 2026 at 3:22 PM IST
जयपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अजमेर से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की. इसके लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीनेशन का शुभारंभ किया गया. इससे हर साल देश में हजारों महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर से जान बच सकेगी. HPV वैक्सीन इस कैंसर से बचाने में एक बड़ा सुरक्षा कवच माना जाता है.
भारत सरकार की ओर से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए युवा किशोरियों के लिए शुरू किए गए व्यापक टीकाकरण (मास वैक्सीनेशन) अभियान को लेकर ICMR के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी.एम. कटोच ने कहा है कि यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण एचपीवी (HPV) वायरस है. लड़कियों को इस वैक्सीन से सुरक्षा मिल जाती है तो यह वायरस शरीर में अपनी जड़ें नहीं जमा पाता. इससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की घटनाओं में भारी कमी आएगी और अनगिनत जानें बचाई जा सकेंगी. देश में हर महिला और माता की जान कीमती है, क्योंकि इस बीमारी का शिकार अक्सर युवा या मध्यम आयु वर्ग की महिलाएं होती हैं, जिनके बीमार होने से पूरे परिवार पर इसका असर पड़ता है.
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यू विन ऐप से टीकाकरण : टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग राजस्थान में तैयारी शुरू कर दी हैं. पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर डॉ. रवि प्रकाश शर्मा का कहना है कि अभियान की शुरुआत के लिए वैक्सीन की 3 लाख से अधिक डोज राजस्थान पहुंच चुकी है. जल्द ही टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा और भारत सरकार के यू विन ऐप से टीकाकरण किया जाएगा. यू विन (U-WIN) ऐप भारत सरकार का एक डिजिटल मंच है जो गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण का वास्तविक समय रिकॉर्ड रखता है. डॉक्टर शर्मा कहना है कि राजस्थान के लगभग सभी सरकारी अस्पताल में यह टीकाकरण किया जाएगा.

पहले इस उम्र की लड़कियों का टीकाकरण : डॉ. शर्मा का कहना है कि फिलहाल यह वैक्सीन उन सभी लड़कियों को लगाई जाएगी, जिनकी उम्र 14 से 15 वर्ष के बीच है. वे इस सरकारी अभियान का हिस्सा बन सकेंगी. वैक्सीन की एक खुराक लड़कियों के बाएं हाथ में ऊपर की तरफ लगाई जाएगी. डॉ. शर्मा का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण HPV वायरस है. वैक्सीन इन वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी बनाती है. सबसे खतरनाक बात यह है कि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण तब तक नहीं दिखते जब तक कि यह एडवांस स्टेज में न पहुंच जाए. पीरियड्स के अलावा या मेनोपॉज (मासिक धर्म बंद होने) के बाद अचानक ब्लीडिंग होना, शारीरिक संबंध के बाद रक्तस्राव या तेज दर्द, पेट के निचले हिस्से में लगातार बना रहने वाला दर्द, वेजाइना से असामान्य और दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज इसके लक्षण हैं.

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1.25 लाख केस आते हैं सामने: सर्वाइकल कैंसर को लेकर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की कैंसर विशेषज्ञ डॉ. नैना अग्रवाल का कहना है कि भारत में हर साल लगभग 1 लाख 25 हजार नए मामले सर्वाइकल कैंसर के देखने को मिलते हैं, जो एक बहुत बड़ा आंकड़ा है. सर्वाइकल कैंसर भारत में दूसरा सबसे कॉमन कैंसर है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि जो 1 लाख 25 हजार केस सामने आ रहे हैं, उनमें 80 हजार से अधिक मरीजों की मौत हो जाती है. ये भी बहुत बड़ा आंकड़ा है. देश में कैंसर से होने वाली मौतों में सर्वाइकल कैंसर से मौत तीसरा बड़ा कारण है.

इस उम्र तक लगा सकते हैं टीका : डॉ. नैना अग्रवाल का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण सबसे कारगर उपाय है. इस वैक्सीन के पहले दो डोज 9 से 14 साल तक की लड़कियों को लगते हैं. 3 डोज 14 से 26 साल तक की उम्र तक की लड़कियों को लगते हैं. टीकाकरण से 90 प्रतिशत तक प्रोटेक्शन मिलती है.

पुरुष भी हो सकते हैं कैरियर : आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारी है, लेकिन इसके वायरस के प्रसार में पुरुष भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. डॉ. नैना का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है, जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है. पुरुषों में इस वायरस के लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते, जिससे वे अनजाने में कैरियर बनकर अपनी महिला पार्टनर तक संक्रमण पहुंचा सकते हैं.

