क्या आपने भी PM आवास के लिए दिया है आवेदन, मंत्री श्रवण कुमार ने दिया बड़ा अपडेट, जानें
बिहार में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पीएम आवास के लिए आवेदन दिया. इनमें से कितनों को लाभ होगा, मंत्री श्रवण कुमार ने बताया.

Published : January 8, 2026 at 7:33 PM IST
पटना: बिहार में प्रधानमंत्री आवास को लेकर इन दिनों सत्यापन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. विधानसभा चुनाव से पहले 2025 में एक करोड़ चार लाख 90000 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन दिया था. सरकार ने इसका सर्वे भी करवाया है और अब कड़ाई के साथ सत्यापन का काम चल रहा है.
पीएम आवास को लेकर वेरिफिकेशन का काम जारी: ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार इन दिनों दिल्ली में हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि अभी जांच का काम चल रहा है. 5 साल के लिए सूची तैयार की जाएगी. एक करोड़ 4 लाख 90000 लोगों ने आवेदन दिया था. जांच के बाद उन लोगों को सूची से बाहर भी किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया में फिट नहीं बैठेंगे. बिहार सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है.
इन जगहों की होगी जांच: ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने फोन पर हुई बातचीत में महत्वपूर्ण जानकारी दी है. इस सवाल पर कि सर्वे में कितने लोग प्रधानमंत्री आवास के लिए दावेदारी कर रहे हैं? श्रवण कुमार ने कहा कि एक करोड़ चार लाख 90000 लोग हैं. उनका सत्यापन हो रहा है. कई कसौटियों पर आवेदनकर्ताओं को कसा जा रहा है, जहां लोग रहते थे, पहले उसका फोटो लोड होगा और फिर जहां बनाना चाहते हैं वहां का फोटो लोड होगा. पुरानी और नयी दोनों जगह की जांच होगी.
"मुझे लगता है 60 लाख के करीब लोग इस योजना के तहत लाभान्वित होंगे. एक करोड़ 4 लाख 90000 दावेदार हैं, लेकिन एक बार में इतना कहां से सरकार देगी. 60 लाख की सूची के बारे में जो बोल रहे हैं वह तो 5 साल के लिए होगा. केंद्र सरकार 5 साल में इस लक्ष्य को पूरा करेगी."- श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री

5 लाख आवेदन फर्जी, 25 लाख में त्रुटियां: मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पुरानी जो सूची थी, वह तो समाप्त हो गयी है. 2018 में हमलोग उन्हें 30 लाख प्रधानमंत्री आवास की सूची भेजी थी, जिसमें से 5 लाख फर्जी निकले और 25 लाख में भी कुछ खामियां थीं, लेकिन उस सूची में सभी को प्रधानमंत्री आवास के लिए स्वीकृति दे दी गई है.
कब मिलेगी राशि?: नई सूची तैयार करने को लेकर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि हां अब नई सूची तैयार होगी. आवास ऐप पर एक करोड़ चार लाख 90000 की नई सूची भेजी गई है और अब उसपर एक्सरसाइज हो रहा है. उसकी जांच पड़ताल हो रही है. भारत सरकार जो लक्ष्य देगी, उससे पहले हम लोग त्रिस्तरीय जांच पड़ताल कर रहे हैं. जांच पड़ताल के बाद जैसे ही लक्ष्य मिलेगा, आवेदक के खाते में राशि चली जाएगी.

बजट से बिहार को काफी उम्मीदें: केंद्र सरकार के बजट में बिहार को इस बार काफी कुछ मिलने की उम्मीद है? इसपर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा बजट में तो मिलना ही मिलना है. सभी राज्य को मिलेगा तो बिहार को भी मिलेगा और वित्तीय वर्ष 2025-26 में तो बिहार को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य मिला है. केंद्र से 12 लाख 10 हजार मिला. इतना लक्ष्य किसी राज्य को नहीं मिला है.
लक्ष्य हो चुका है पूरा: उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बिहार को 11 लाख से अधिक का लक्ष्य केंद्र सरकार की तरफ से मिल चुका है. चुनाव से पहले हमलोगों का जो भी लक्ष्य था, वह पूरा मिल चुका है. बैकलॉग अब समाप्त हो चुका है.
PM आवास से जनता का बढ़ेगा भरोसा: बिहार विधानसभा चुनाव में आप लोगों को जबरदस्त जीत मिली है, उसका भी असर बजट में दिखेगा? इसपर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि निश्चित रूप से दिखेगा. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर लोगों को घर मुहैया कराने से लोगों में हम लोगों के प्रति विश्वास और बढ़ेगा.
चयन की प्रक्रिया: प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन के लिए दिशा निर्देश भी जारी किया गया है. मंत्री श्रवण कुमार बताते हैं कि 11 पॉइंट हैं, उसी के तहत प्रधानमंत्री आवास के लिए बेघरों का चयन किया जाता है. आर्थिक रूप से कमजोर गरीबों को इस योजना का लाभ दिया जाता है.
शहरी और ग्रामीण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चयन के 11 बिंदू इस प्रकार से हैं.
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) या मध्यम आय वर्ग (MIG) से संबंधित होना चाहिए.
- परिवार के किसी सदस्य के नाम पर भारत के किसी भी हिस्से में पक्का घर नहीं होना चाहिए.
- कोई अन्य सरकारी आवासीय योजना का लाभार्थी न हो.
- घर का मालिकाना हक महिला के नाम पर हो या संयुक्त रूप से हो (विधवाओं को प्राथमिकता).
- SC/ST, OBC, अल्पसंख्यक, विकलांग और ट्रांसजेंडर को वरीयता.
- पहचान के लिए आधार और बैंक खाते को लिंक करना ज़रूरी है.
- आय प्रमाण, पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी) और पते का प्रमाण आवश्यक है.
- PMAY-Urban : EWS/LIG/MIG आय सीमा ₹3 लाख से ₹18 लाख तक (श्रेणी के अनुसार) और बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, सीवेज, सड़क) वाले घर के लिए.
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आय और पात्रता के अलग मानदंड (जैसे कच्चे घर में रहने वाले या बेघर लोग).
- PMAY-U 2.0 (शहरी): नए शहरी परिवारों को ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता.
- ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 25 वर्ग मीटर (रसोई सहित) होना चाहिए.
इनको भी मिलेगा लाभ: ग्रामीण विकास विभाग की ओर से नए निर्देश संयुक्त परिवार के लिए जारी किया गया है, जिसके आधार पर संयुक्त परिवार के लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जाएगा, उसमें संयुक्त परिवार में कोई विवाहित व्यक्ति पक्के मकान में रहता है तो यदि कमरा उपलब्ध नहीं है तो वह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ लेने के लिए योग्य माना जाएगा. यदि किसी पक्के मकान में दो ही कमरे हैं और उसमें तीन भाइयों का परिवार रहता है तो उनमें से एक को इस योजना का लाभ दिया जा सकेगा.
प्रक्रिया पिछले साल हुई थी शुरू: बिहार में ग्रामीण विकास विभाग ने 2025 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन मांगा था और उसके तहत एक करोड़ चार लाख से अधिक लोगों ने पीएम आवास के लिए आवेदन दिया. ग्रामीण विकास विभाग ने उसका सर्वेक्षण भी करवाया है और अब सत्यापन का काम हो रहा है, जो 15 जनवरी तक चलेगा. लेकिन कई जिलों में सत्यापन का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है.
12 लाख 20 हजार को मिलेगी राशि: बिहार में वित्तीय वर्ष 2024- 25 और 2025 -26 को मिलाकर 12 लाख ₹20000 परिवार को पक्का मकान के लिए राशि दी जानी है. इनमें से अब तक 253000 परिवारों के आवास निर्माण को पूर्ण किया जा चुका है.
बनाए जा रहे 3 करोड़ नए घर: पिछले साल प्रधानमंत्री ने पूर्णिया की सभा में कहा था कि उनकी सरकार पिछले 11 साल में 4 करोड़ से ज्यादा पक्का घर बनाकर गरीबों को दी है. 3 करोड़ नए घर और बनाए जा रहे हैं. 2030 तक सभी को घर देने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने रखा है, जहां तक बिहार की बात करें तो ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले साल सर्वे कराया था जिसमें एक करोड़ से अधिक परिवार यानी करीब 5 करोड़ लोग बेघर हैं.
बिहार में 2011 में पहली सूची बनाई गई थी, जो 2018 में समाप्त हो गई. दूसरी सूची 2018 में तैयार की गई, इसमें भी जो बैकलॉग था, पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और अब तीसरी सूची पिछले साल 2025 में बनाने का काम शुरू हुआ है. एक करोड़ से अधिक लोगों ने आवेदन दिया है. सरकार ने सर्वेक्षण भी किया, जिसमें एक करोड़ चार लाख 90 हजार के पास घर नहीं है. अब उसका सत्यापन हो रहा है.
प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र और राज्य की भी भागीदारी होती है. केंद्र सरकार जहां 60% राशि देती है, वहीं बिहार सरकार 40% राशि देती है. 120000 रुपए की राशि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण लाभार्थी को मिलता है और यह तीन किस्तों में दिया जाता है. शहरी लाभार्थी को ढाई लाख तक की राशि दी जाती है.
सत्यापन के लिए कई स्तर पर कमेटी: ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार एक करोड़ चार लाख 90000 सर्वे में प्रधानमंत्री आवास के लिए बेघर लोगों का आवेदन मिला है. उसके सत्यापन के लिए पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर अलग-अलग समितियां बनाई गई है. लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है. केंद्र सरकार की घोषणा के बाद लक्ष्य पर काम शुरू होगा.
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