बारिश की हर बूंद बचाने का संकल्प, मनरेगा से तैयार हो रहा जल संरक्षण का मॉडल
एमसीबी जिले में जल संरक्षण के लिए लोहारी ग्राम पंचायत ने बड़ा कदम उठाया है. पंचायत ने कंटूर ट्रेंच और अर्दन गुलीपलक निर्माण किया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 13, 2026 at 2:51 PM IST
एमसीबी : गर्मी के मौसम में जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों के बीच ग्राम पंचायत लोहारी ने भविष्य की बड़ी चुनौती से निपटने की दिशा में एक सराहनीय पहल शुरू की है. लगातार सूखते जलस्रोत और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए पंचायत ने बारिश के पानी को सहेजने का अभियान शुरू किया है. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत गांव में कंटूर ट्रेंच और अर्दन गुलीपलक निर्माण का कार्य कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य बारिश के दौरान बहकर बर्बाद होने वाले पानी को रोकना और उसे जमीन के अंदर पहुंचाकर भूजल स्तर को बढ़ाना है.
504 कंटूर ट्रेंच से रुकेगा लाखों लीटर पानी
ग्राम पंचायत लोहारी क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्य आने वाले समय में ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण बन रहे हैं. पंचायत ने अब तक 504 कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया है, जिसमें करीब दो लाख लीटर पानी संरक्षण होने की संभावना है. इसके साथ ही अर्दन गुलीपलक निर्माण के माध्यम से लगभग एक लाख लीटर पानी रोकने की व्यवस्था तैयार की जा रही है. इन संरचनाओं से बारिश का पानी धीरे-धीरे जमीन में समाएगा, जिससे जलस्तर में सुधार की उम्मीद है.

आने वाले पीढ़ी के लिए जल संरक्षण जरुरी
ग्राम पंचायत लोहारी के सरपंच मोती सिंह ने बताया कि भारत सरकार के पानी बचाओ अभियान के तहत मिले प्रशिक्षण से प्रेरणा लेकर पंचायत ने यह कदम उठाया है.

बारिश के पानी को सही तरीके से संरक्षित किया जाए तो आने वाले वर्षों में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है. पंचायत का उद्देश्य केवल वर्तमान समस्या का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है- मोती सिंह,सरपंच
एमसीबी कलेक्टर संतन देवी जांगड़े का कहना है कि जल संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. जिले में मनरेगा के माध्यम से डबरी, कुएं, तालाब गहरीकरण, सामुदायिक तालाब और वाटर रिचार्ज जैसे कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। विशेष रूप से जल संकट प्रभावित और पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी संरचनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि बारिश की हर बूंद को बचाकर धरती में समाहित किया जा सके.
प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान न केवल भूजल स्तर बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि भविष्य में एमसीबी जिले को जल संकट की चुनौती से उबारने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- संतन देवी जांगड़े, कलेक्टर एमसीबी
लोहारी पंचायत बनी जल संरक्षण की मिसाल
जल संरक्षण की दिशा में ग्राम पंचायत लोहारी की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक उदाहरण बनती जा रही है. कंटूर ट्रेंच और अर्दन गुलीपलक जैसे कार्यों से जहां पानी का संरक्षण होगा, वहीं भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद भी बढ़ेगी. बारिश की बूंदों को बचाने का यह प्रयास आने वाले वर्षों में लोहारी गांव की तस्वीर बदलने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
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