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यमुनोत्री मार्ग पर लाखामंडल के स्वागत बोर्ड की हालत दयनीय, पिलर धंसा, अक्षर और साइन मिटे, भटक रहे यात्री

लाखामंडल मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष बाबूराम शर्मा ने कहा कि सीएम धामी और संबंधित विभागों से शिकायत करने के बावजूद काम नहीं हुआ

LAKHAMANDAL YAMUNOTRI ROAD
लाखामंडल का स्वागत गेट (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 29, 2026 at 11:29 AM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चल रही है. यात्रा काल के दौरान यमुनोत्री मार्ग में स्थित लाखामंडल में भी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचकर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर में दर्शन कर रहे हैं. यहां शिवलिंगों और लाक्षागृह, प्राचीन मूर्तियों के अवशेषों का अनुभव करके चारधाम यात्रा के लिए प्रस्थान करते हैं.

लाखामंडल के स्वागत गेट की हालत खराब: राजधानी देहरादून से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाखामंडल में ऐतिहासिक शिव मंदिर है, लेकिन यहां पर यमुनोत्री मार्ग से लाखामंडल की ओर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के स्वागत के लिए लगाए गए स्वागत गेट की स्थिति दयनीय है. यहां पर्यटकों के स्वागत में लिखे मुख्य द्वार के फ्रंट में अक्षर समय के साथ मिट चुके हैं, जो लाखामंडल और चकराता जाने की तरफ का इंडिकेशन दिया करते थे. इससे यात्रा मार्ग में आने वाले अधिकतर यात्रियों और उनके वाहन चालकों में कन्फ्यूजन पैदा हो रहा है कि लाखामंडल के लिए कौन सी दिशा में जाना है.

लाखामंडल के स्वागत बोर्ड की हालत दयनीय (Etv Bharat)

स्वागत गेट के पिलर धंसे, अक्षर और साइन मिट गए: स्वागत बोर्ड की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि एक तरफ से द्वार का पिलर धंस चुका है. बोर्ड टेढ़ा हो गया है. स्थानीय नागरिकों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों की ओर से बार-बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद स्वागत द्वार की स्थिति वैसे ही बनी हुई है. एक कार्यक्रम के सिलसिले में देहरादून पहुंचे लाखामंडल मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष बाबूराम शर्मा का कहना है कि-

Lakhamandal Yamunotri Road
लाखामंडल का बदहाल स्वागत गेट (ETV Bharat)

लाखामंडल जैसा पर्यटक और तीर्थ स्थल राजधानी देहरादून से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी में स्थित है. इस स्थान पर ऐतिहासिक शिव मंदिर है. यहां पर यमुनोत्री मार्ग से सटे मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त हुए एक वर्ष से अधिक का होने जा रहा है. यह बड़ा दुख का विषय है कि अभी तक किसी भी संबंधित विभाग ने मुख्य द्वार की सुध नहीं ली.
-बाबूराम शर्मा, कोषाध्यक्ष, लाखामंडल मंदिर समिति-

सीएम के सामने भी उठा चुके मुद्दा: उन्होंने कहा कि लोनिवि से लेकर जिला प्रशासन, पर्यटन और वन विभाग जैसे महकमे इसकी लगातार अनदेखी कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में क्या इन परिस्थितियों में उत्तराखंड का विकास होगा. शर्मा ने कहा कि करीब 6 महीने पहले यहां पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी आए थे और एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उस समय भी ग्रामीणों ने उनके समक्ष इन सभी मुद्दों को रखा था. इस संबंध में जिला पंचायत देहरादून को भी अवगत कराया गया. उसके बावजूद अब तक स्वागत द्वार की स्थिति दयनीय बनी हुई है. संबंधित अधिकारियों ने अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, जिसके परिणाम स्वरूप ग्रामीणों में निराशा है.

Lakhamandal Yamunotri Road
यमुनोत्री मार्ग पर स्थित लाखामंडल (ETV Bharat)

लाखामंडल मंदिर समिति ने जताया दुख: बाबूलाल शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या उत्तराखंड सरकार के पास एक मुख्य द्वार को दुरुस्त करने की धनराशि तक उपलब्ध नहीं है. उन्होंने इसे दुख का विषय बताते हुए कहा कि जौनसार को जनजाति में घोषित किया गया, जबकि हम लोग जैसे 100 साल पहले रहा करते थे, उसी तरह आज भी रह रहे हैं. उनका कहना है कि लाखामंडल में यात्री पूरे 12 माह आते जाते रहते हैं, लेकिन यहां आने वाले यात्रियों, स्थानीय ग्रामीणों को आ रही दिक्कतों से संबंधित विभागों को कोई सरोकार नहीं है.
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