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पीलीभीत: पूरनपुर में बाघ के हमले से किसान की मौत, उग्र ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन

पूरनपुर में हजारा थाना क्षेत्र के शांतिनगर गांव में बाघ ने खेत की रखवाली कर रहे 60 वर्षीय किसान मुंशी प्रसाद को मार डाला.

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पूरनपुर में बाघ का हमला (सांकेतिक फोटो) (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 28, 2026 at 9:43 PM IST

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पीलीभीत: पूरनपुर तहसील क्षेत्र के हजारा थाना अंतर्गत गांव शांतिनगर में शुक्रवार रात बाघ के हमले में एक 60 वर्षीय किसान की मौत हो गई. इस हमले के बाद से पूरे इलाके में दहशत के साथ-साथ वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया. नाराज ग्रामीणों ने किसान का शव रामनगर तिराहे पर रखकर सड़क जाम कर दी और जमकर प्रदर्शन किया. मिली जानकारी के अनुसार, शांतिनगर निवासी मुंशी प्रसाद (60) पुत्र चौथी प्रसाद शुक्रवार रात करीब 8:00 बजे अपने केले के खेत की रखवाली और फसल देखने गए थे.

खेत में मिला किसान का क्षत-विक्षत शव: इसी दौरान खेत में पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया. बाघ के हमले में मुंशी प्रसाद बुरी तरह लहुलुहान हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया. जब काफी देर तक वह घर नहीं लौटे, तो परिजन उन्हें ढूंढते हुए खेत पहुंचे, जहां उनका क्षत-विक्षत शव देखकर कोहराम मच गया. घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए.

लापरवाही का आरोप लगाकर वन विभाग पर बरसे ग्रामीण: ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पिछले काफी समय से बाघ और तेंदुओं की लगातार आवाजाही बनी हुई थी. इस संबंध में वन विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग समय रहते निगरानी बढ़ाता, तो यह जानलेवा हादसा नहीं होता. घटना के बाद भी वन विभाग की टीम के समय पर न पहुंचने से गुस्साए ग्रामीणों ने रामनगर तिराहे पर शव रखकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया.

सीओ पूरनपुर पहुंचे मौके पर, जांच जारी: प्रदर्शनकारी पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और क्षेत्र में वन्यजीवों से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था करने की मांग पर अड़े रहे. मामले की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा. सीओ पूरनपुर विधि भूषण मौर्य ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और मामले की जांच की जा रही है. अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं.

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