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अचानक तेजी से वायरल होने लगी जैसलमेर के गड़ीसर तालाब की तस्वीरें...जानिए वजह

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गड़ीसर की खूबसूरती की जमकर तारीफ की.

Minister Shekhawat getting photographed on the banks of Gadisar Lake
गड़ीसर तालाब किनारे फोटो खिंचवाते मंत्री शेखावत (Photo Source: Facebook page of Minister Gajendra Singh Shekhawat)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : November 30, 2025 at 10:07 AM IST

3 Min Read
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जैसलमेर: केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जैसलमेर प्रवास के दौरान ऐतिहासिक और पर्यटन के लिहाज से अहम गड़ीसर सरोवर पहुंचे. यहां उन्होंने झील की अद्भुत प्राकृतिक छटा और आसपास फैली विरासत को निहारा. उन्होंने झील किनारे फोटो खिंचवाईं और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए गड़ीसर की खूबसूरती की जमकर प्रशंसा की.

केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने लिखा कि उन्हें गड़ीसर झील का मनोरम परिदृश्य हर बार नए आकर्षण के साथ लुभाता है. यहां प्रकृति और इतिहास का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो रेगिस्तान की धरती पर अलग ही माहौल बना देता है. बालू-पत्थर की नक्काशीदार कारीगरी, मंदिरों के प्रतिबिंब और शांत पानी के बीच डूबता सूरज, ये दृश्य गड़ीसर को देश के सबसे मनोहारी पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं.

पढ़ें:रेत के धोरों के बीच प्रसिद्ध गड़ीसर सरोवर का छलका सौंदर्य, चली पानी की चादर - Gadisar Lake

शांत और आध्यात्मिक वातावरण : दौरे में मंत्री ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों व आमजन से बातचीत की. झील क्षेत्र के संरक्षण तथा पर्यटन विकास को लेकर सुझाव लिए. उन्होंने कहा कि गड़ीसर तालाब न केवल जैसलमेर की पहचान है, बल्कि मरूधरा की सांस्कृतिक आत्मा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. यहां पर्यटक स्थान के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में खुद को तरोताजा महसूस करता है.

विश्व में अनूठी पहचान: मंत्री शेखावत ने उल्लेख किया कि जैसलमेर विश्व में अनूठी पहचान रखता है. गड़ीसर जैसा विरासत स्थल इसकी खूबसूरती और बढ़ाता है. उनके दौरे और पोस्ट के बाद स्थानीय लोगों व पर्यटकों में उत्साह नजर आया. सोशल मीडिया पर गड़ीसर की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं.

यह है सरोवर का इतिहास: गड़ीसर सरोवर जैसलमेर का सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण जलस्रोत है. जैसलमेर के टूरिस्ट गाइड अरुण पुरोहित बताते हैं कि गड़ीसर सरोवर का निर्माण 12वीं शताब्दी में महारावल जैसल ने कराया था. 14वीं शताब्दी में महारावल गड़सी सिंह ने इसका पुनर्निर्माण कराया. इसके बाद यह शहर की जलजीवन रेखा के रूप में उभरा. सदियों तक पूरा जैसलमेर पेयजल के लिए इसी सरोवर पर निर्भर रहा. यहां के लोग अपनी सभी जरूरतों के लिए इसी तालाब के पानी का उपयोग करते थे. तालाब के चारों ओर बने घाट, छतरियां और मंदिर इसकी ऐतिहासिक सुंदरता को और खास बनाते हैं. यहां स्थित प्रसिद्ध टीलों की पोल तोरण द्वार पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, जो ऐतिहासिक निर्माण शैली और लोककथाओं के कारण विशेष पहचान रखता है. वर्तमान में गड़ीसर तालाब जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां रोज बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक और स्थापत्य सुंदरता देखने पहुंचते हैं.