KMCLU में पीएचडी इंटरव्यू 1 से 10 सितंबर तक, इंग्लिश विभाग में सीट न होने पर उठे सवाल
KMCLU ने पीएचडी प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए विषयवार साक्षात्कार का कार्यक्रम जारी कर दिया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 29, 2026 at 9:25 PM IST
लखनऊ : ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (KMCLU) ने पीएचडी प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए विषयवार साक्षात्कार का कार्यक्रम जारी कर दिया है. यह साक्षात्कार 1 से 10 सितंबर 2026 के बीच आयोजित होंगे. विषयवार तिथि, समय और अन्य जरूरी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट kmclu.ac.in और समर्थ पोर्टल kmcluadm.samarth.edu.in पर अपलोड कर दी गई है.
जारी कार्यक्रम के मुताबिक, 1 सितंबर को अरबी, गृह विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग और फार्मेसी, 3 सितंबर को वाणिज्य और शिक्षा, 7 सितंबर को व्यवसाय प्रशासन और उर्दू तथा 8 सितंबर को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विषयों के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा.
9 सितंबर को विधिक अध्ययन, गणित और शारीरिक शिक्षा, जबकि 10 सितंबर को विधिक अध्ययन, अर्थशास्त्र और यांत्रिक अभियांत्रिकी के अभ्यर्थी साक्षात्कार देंगे. अधिकतर विषयों में पहले स्लॉट के लिए सुबह 9 बजे और दूसरे स्लॉट के लिए सुबह 10:30 बजे रिपोर्टिंग तय की गई है. साक्षात्कार प्रशासनिक भवन स्थित चाणक्य सदन-1 और चाणक्य सदन-2 में होंगे.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से तय तारीख और समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की है. दस्तावेज सत्यापन के लिए हर अभ्यर्थी को मूल प्रमाण-पत्रों के साथ स्वप्रमाणित छायाप्रतियों का एक सेट लाना होगा, जिसमें आवेदन-पत्र, हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के प्रमाण-पत्र, स्नातक-परास्नातक की अंकतालिकाएं व उपाधियां, एमफिल प्रमाण-पत्र, लागू होने पर UGC-NET/JRF, CSIR-NET/JRF, GATE या अन्य राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के प्रमाण-पत्र, जाति/आरक्षण प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और अनापत्ति प्रमाण-पत्र शामिल हैं.
इसके अलावा शोध प्रस्ताव की पीपीटी और हार्ड कॉपी के तीन सेट साथ लाना भी जरूरी होगा. विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे सभी दस्तावेज पहले से जांच-सूची के अनुसार तैयार रखें ताकि प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी हो सके. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पात्रता व दस्तावेजों का सत्यापन विश्वविद्यालय के नियमों और परिपत्रों के अनुसार ही होगा, इसलिए अभ्यर्थी साक्षात्कार से पहले वेबसाइट और समर्थ पोर्टल पर नवीनतम जानकारी जरूर देख लें.
इंग्लिश विभाग में सीट न होने पर उठे सवाल : इस बीच इंग्लिश विभाग में पीएचडी (Ph.D.) के दाखिले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विश्वविद्यालय ने पीएचडी के लिए लिखित परीक्षा कराई और उसका परिणाम भी घोषित कर दिया. लेकिन सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार की कोई तारीख घोषित नहीं की गई. इंग्लिश विभाग में एचडी के लिए क्वालिफाई कर चुकी अभ्यर्थी असरा जेहरा ने बताया कि प्रवेश सेल से पता चला है कि इंग्लिश विभाग में केवल एससी-एसटी वर्ग के लिए ही सीट है, जबकि वे ईडब्ल्यूएस श्रेणी से हैं और उसी के तहत उन्होंने आवेदन किया था.
विश्वविद्यालय ने परीक्षा ली, 2,000 रुपये फीस भी ली और वे परीक्षा में सफल भी हुईं, लेकिन अब यह कहकर साक्षात्कार नहीं कराया जा रहा कि एससी-एसटी के अलावा किसी और वर्ग के लिए सीट ही नहीं है. असरा का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने पहले कभी यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की कि इंग्लिश विभाग में सीटें केवल एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं.
उन्होंने कहा कि जब सीट एससी एसटी वर्ग के लिए आरक्षित थी तो जनरल और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी की अभ्यर्थियों का फॉर्म क्यों स्वीकृत किया गया और उनसे परीक्षा क्यों लिया गया? उनके मुताबिक इस विषय में कई अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से चार उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए, जबकि एससी-एसटी वर्ग का कोई भी अभ्यर्थी क्वालीफाई नहीं कर सका. उन्होंने बताया कि परीक्षा में उन्हें 40 अंक मिले और वे सफल भी घोषित हुईं, बावजूद इसके अब उनका साक्षात्कार नहीं कराया जा रहा.
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. शेखर ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है और वे संबंधित विभाग से जानकारी लेने के बाद ही कुछ स्पष्ट कर पाएंगे. फिलहाल जारी साक्षात्कार अनुसूची में इंग्लिश विभाग का नाम शामिल नहीं है, जिससे संबंधित अभ्यर्थियों में असंतोष बना हुआ है.
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